नैनीताल: डीके शर्मा तीसरी बार BCI सदस्य निर्वाचित! राजवीर बिष्ट बने उत्तराखंड बार काउंसिल अध्यक्ष, सुशीला मेहता निर्विरोध उपाध्यक्ष चुनी गईं, नई कार्यकारिणी का गठन
नैनीताल। उत्तराखंड के विधि जगत में बुधवार को महत्वपूर्ण चुनाव संपन्न हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा लगातार तीसरी बार उत्तराखंड से बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। वहीं देहरादून के अधिवक्ता राजवीर सिंह बिष्ट को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड का अध्यक्ष चुना गया। सुशीला मेहता निर्विरोध उपाध्यक्ष निर्वाचित हुईं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य पद के चुनाव में कुल 26 मतों में से डीके शर्मा को 14 और चंद्रशेखर जोशी को 12 मत मिले। इसके साथ ही शर्मा ने एक बार फिर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर हासिल किया है। उनका BCI सदस्य के रूप में कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।
डीके शर्मा इससे पहले वर्ष 2004 से 2009 और 2018 से 2025 तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह BCI के को-चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ शर्मा उत्तराखंड सरकार के शासकीय अधिवक्ता और सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। इसके अलावा वह उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और ऊधमसिंह नगर जिला बार एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
इधर, नवगठित बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की कार्यकारिणी के अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में राजवीर सिंह बिष्ट को 11 प्रथम वरीयता मत मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी कुलदीप कुमार को 8 और योगेंद्र सिंह तोमर को 5 मत मिले, जबकि दो मत अवैध घोषित किए गए। इसके बाद राजवीर सिंह बिष्ट को अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। सुशीला मेहता उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुनी गईं। राजवीर बिष्ट पूर्व में देहरादून बार एसोसिएशन में सचिव समेत विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और अधिवक्ता संगठनों में सक्रिय रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव में 23 सदस्य निर्वाचित हुए थे। इसके बाद दो महिला अधिवक्ताओं को को-ऑप्ट सदस्य बनाए जाने के बाद बुधवार को BCI सदस्य के साथ ही उत्तराखंड बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के लिए चुनाव कराया गया। इस दौरान आठ विभिन्न समितियों का भी गठन किया गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य का कार्यकाल पांच वर्ष, जबकि उत्तराखंड बार काउंसिल की कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष का होगा। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद प्रदेश के अधिवक्ता समुदाय में नई कार्यकारिणी और BCI प्रतिनिधित्व को लेकर उत्साह का माहौल है।