Oct 09, 2026 Login
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उत्तराखंड:देश का एकमात्र पत्रकार संगठन,जिसने लघु मध्यम मझोले समाचार पत्रों को दी संजीविनी!जानिए कैसे?

Uttarakhand: The only journalist organization in the country, which gave Sanjivini to small medium newspapers! Know how?

हरिद्वार.

नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने हाल ही में डीएवीपी की ऑन लाइन विज्ञापन नवीनीकरण दर की आवेदन प्रक्रिया में प्रकाशकों के सामने आयी समस्याओं का पुरजोर तरीके से  विरोध करने के बाद सरकार के द्वारा समाधान किये जाने पर सभी संगठनों और पत्रकार साथियों ने नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट का आभार व्यक्त किया ।


नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स हरिद्वार जनपद के सदस्यों की बैठक में इस बात पर हर्ष व्यक्त किया गया कि यूनियन द्वारा केन्द्रीय सूचना ब्यूरों में लघु, मध्यम और मझोले समाचार पत्रों की दर नवीनीकरण में आ रही समस्या को उठाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर सभी का इस ओर ध्यानाकर्षण किया और समस्या का  समाधान किया ।  
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि मीडियाकर्मियों की समस्याओं को लेकर राज्यभर के पत्रकारों को संगठनों की दलगत राजनीति से उपर उठकर कर संघर्ष के लिए आगे आना चाहिए।  बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता के ग्लेमर को देखकर राज्य में कुछ तथाकथित पत्रकारों और संगठनों की ऐसी भीड़ एकत्र हो रही है, जिसे पत्रकारिता की नीति, रीति और गुणवत्ता से कोई सरोकार नहीं है। बैठक में कहा गया कि इससे पत्रकारिता और पत्रकार संगठन दोनों बदनाम होते हैं।
नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट और वेब पोर्टलों  में फर्जी पत्रकारों की आई बाढ़ को रोकने के लिए संगठन आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ऐसे कई समाचार पत्र है जिनसे नाममात्र को जुड़े लोगों का पत्रकारिता से कोई सरोकार नही है,लेकिन उनकी समाचार पत्रों के माध्यम से मान्यता तक प्राप्त है। कई समाचार पत्र केवल सूचना विभाग के लिए ही कुछ प्रतियां छापते है,जिनके लिए उन्हें अच्छे विज्ञापन भी मिलते है,और कुछ समाचार पत्रों की केवल पीडीएफ फाइल ही निकलती है। वर्तमान में  यदि देखा जाए तो एक C कैटेगरी के वेब न्यूज़ पोर्टल की भी 3 हज़ार महीने की व्यूवरशिप होती है,ये भी एक साप्ताहिक समाचार पत्र जिसकी केवल खानापूर्ति के लिए कुछ ही प्रतियां छापी जाती है जो केवल विभागीय तौर पर सिमट कर रह जाती है से कहीं ज़्यादा बेहतर है।
कई ऐसे पत्रकार है जो अनुभवी है और वेब न्यूज़ पोर्टल चला रहे है,लेकिन कई फर्जी पत्रकार बनकर वेब न्यूज़ पोर्टल और पत्र पत्रिकाओं को चलाकर इन अनुभवी पत्रकारों के बीच आ बैठे है जिसकी वजह से सही पत्रकार और फर्जी पत्रकार के बीच जनता असमंजस में पड़ जाती है। बैठक में राज्य की जनता से आह्वान किया गया कि वह अपने बीच में सही-गलत पत्रकारों की पहचान करे और केवल अपने हित साधन के लिए संगठन बना कर या गिरोहबंद होकर पीत पत्रकारिता करने वालों से सावधान रहें।
बैठक में यह भी प्रस्तावा रखा गया कि स्वस्थ पत्रकारिता तभी संभव है जब सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर संगठनों से तथाकथित और दागी पत्रकारों की छंटनी कर गलत लोगों को बाहर का रास्ता दिखायें।
बैठक उपस्थित  प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने सभी से सजग होकर पत्रकार हितों के लिए सक्रियता से आगे आने को कहा। बैठक में जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार पाल, जिला महासचिव सुदेश आर्या, कोषाध्यक्ष संजु पुरोहित, नवीन पाण्डे, नवीन कुमार कश्यप, सूर्या सिंह राणा पंकज सेठी, धीरेन्द्र सिंह रावत, विक्रम सिंह सिद्धू तथा भगवती प्रसाद गोयल आदि उपस्थिति रहे।