Oct 29, 2026 Login
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उत्तराखण्डः 23 साल पुराने जेनी प्रकरण पर फिर सियासी उबाल! सीएम धामी के बयान पर भड़के हरक सिंह रावत, बोले- मैंने मुंह खोला तो...

Uttarakhand: Political stir erupts once again over the 23-year-old 'Jenny case'! Harak Singh Rawat lashes out at CM Dhami’s statement, warns: "If I open my mouth, then..."

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में दो दशक पुराना चर्चित जेनी प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जेनी कांड का जिक्र किए जाने के बाद प्रदेश के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत बेहद आक्रामक रुख में नजर आ रहे हैं। हरक सिंह रावत ने एक भावुक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री धामी पर तीखा हमला बोला और चेतावनी दी कि यदि उन्होंने इस मामले पर अपना मुंह खोला तो भाजपा के वरिष्ठ नेता व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को जवाब देना भारी पड़ जाएगा। दरअसल, इस मामले की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कांग्रेस द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर पलटवार किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार ने अंकिता हत्याकांड में त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके चलते अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सीएम धामी ने तंज कसते हुए कहा था कि अपनी खोई हुई सियासी जमीन तलाशने के लिए कांग्रेस विवादित मामलों को हवा दे रही है। इसी क्रम में उन्होंने सवाल दागा था कि तंदूर कांड और जेनी कांड किसकी सरकारों के समय हुए थे। मुख्यमंत्री के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि 2003 में तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार के दौरान उन्हें एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस मामले में घसीटा गया था।

हरक सिंह ने याद दिलाया कि जब यह मामला सामने आया था, तब केंद्र में भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार थी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच की खातिर उन्होंने खुद आगे बढ़कर मंत्री पद से इस्तीफा दिया था और सीबीआई जांच के साथ-साथ डीएनए टेस्ट तक की मांग की थी। हरक सिंह ने दावा किया कि उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक वे बेदाग साबित नहीं होंगे, तब तक विधानसभा की चौखट पर कदम नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि सीबीआई की गहन पड़ताल के बाद उन्हें इस मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल चुकी है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में भावुक होते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 23 साल पुराने बंद हो चुके मामले को उछालकर सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर वे इस पूरे प्रकरण की अंदरूनी सच्चाई सामने ले आए, तो तत्कालीन सियासी साजिशकर्ताओं का चेहरा बेनकाब हो जाएगा और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच वार-पलटवार का दौर चरम पर है। अंकिता भंडारी प्रकरण से शुरू हुई यह राजनीतिक तल्खी अब दशकों पुराने विवादों तक पहुंच गई है, जिससे राज्य का सियासी तापमान अचानक चढ़ गया है।