Oct 30, 2026 Login
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुर्सी को लेकर भारी बवाल! कोर्ट रूम में तोड़फोड़, सरकारी वकील से मारपीट! चीफ जस्टिस कोर्ट में भी कामकाज ठप

 Major uproar at the Allahabad High Court over a chair! Vandalism in the courtroom, assault on a government lawyer! Proceedings brought to a standstill even in the Chief Justice's courtroom.

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर में बुधवार को उस समय अराजकता की स्थिति पैदा हो गई, जब एक कोर्ट रूम में वकीलों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। कुर्सी पर बैठने के विवाद से उपजे इस तनाव के दौरान गुस्साए अधिवक्ताओं ने डायस की तरफ कुर्सियां व फर्नीचर फेंके और शिकायत करने वाले सरकारी वकील की पिटाई कर दी। हालात बिगड़ते देख दोनों पीठासीन जज तुरंत उठकर अपने चैंबर में चले गए। इस हंगामे के चलते चीफ जस्टिस की अदालत समेत कई कोर्टों में न्यायिक कार्य लगभग एक घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। मामले की जड़ मंगलवार की एक घटना से जुड़ी है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों द्वारा चीफ जस्टिस को भेजे गए पत्र के मुताबिक, मंगलवार को संबंधित कोर्ट रूम में अगली पंक्ति में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बैठने के लिए अलग कुर्सी लगाई गई थी। जब एक अधिवक्ता ने एसपी से पीछे बैठने का आग्रह किया, तो वहां मौजूद सरकारी वकील ने इस बात की शिकायत सीधे जज से कर दी। आरोप है कि इसके बाद जज ने अधिवक्ता को कड़ी फटकार लगाई, धमकी दी और एसपी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, पत्र में एक वरिष्ठ अधिवक्ता का उपहास उड़ाने का भी आरोप लगाया गया। बार एसोसिएशन ने वकीलों के स्वाभिमान से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए कार्रवाई न होने पर कोर्ट के बहिष्कार का अल्टीमेटम दिया था। बुधवार को जैसे ही उक्त कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई, वकीलों ने जोरदार नारेबाजी और बहिष्कार शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख दोनों जज कार्यवाही स्थगित कर चैंबर में चले गए। इसके बाद वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। अधिवक्ताओं ने कोर्ट रूम में रखे फर्नीचर और कुर्सियों को डायस की ओर फेंकना शुरू कर दिया। इसी बीच शिकायतकर्ता सरकारी वकील को अधिवक्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा और उनके साथ हाथापाई व मारपीट की गई। अन्य वकीलों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस हंगामे की गूंज चीफ जस्टिस की अदालत तक पहुंची। फ्रेश केस नंबर 13 की सुनवाई के दौरान पीपीएस ने आकर चीफ जस्टिस को परिसर के बिगड़ते हालात की जानकारी दी, जिसके बाद चीफ जस्टिस भी सुनवाई रोककर चैंबर में चले गए। वहां दोपहर करीब 12 बजे दोबारा सुनवाई शुरू हो सकी। दो अन्य जजों ने भी हंगामे से न्यायिक कार्य प्रभावित होने को लेकर विधिवत आदेश जारी किए हैं। घटना के बाद से हाईकोर्ट परिसर में तनाव बना हुआ है।