उत्तराखंड: वोटर्स लिस्ट में शराब ब्रांड के नाम पर चढ़ा दिया पिता-बेटे का नाम! 6 साल के बच्चे को भी बना दिया वोटर
उत्तराखंड में निकाय चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर काम अब अंतिम दौर में है। राजधानी देहरादून, हरिद्वार और अन्य जगहों पर लगातार निर्वाचन अधिकारी बैठक लेकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वोटर लिस्ट में कोई संशोधन तो नहीं करना है। ऐसे में बैठक के दौरान कई तरह की खामियां इन वोटर लिस्ट में पकड़ी जा रही हैं। कई ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनको लेकर वोटर परेशान हैं। यह समस्याएं कहीं नाम को लेकर है तो कहीं उम्र को लेकर हैं। कहीं-कहीं तो वोटर लिस्ट में स्त्री को पुरुष और पुरुष को स्त्री अंकित किया गया है। हरिद्वार निर्वाचन अधिकारी धीराज गर्ब्याल का कहना है कि अभी सभी लिस्ट में संशोधन हो रहा है जिसको लेकर बैठक की जा रही है।
राजधानी देहरादून हो या हरिद्वार दोनों ही जगह पर कुछ ऐसे गंभीर मामले सामने आए हैं। बात अगर देहरादून की करें तो यहां इस बार लगभग 1 लाख से अधिक वोटरों के नाम लिस्ट में जोड़े गए हैं। अब इन तमाम सूचियों में से निर्वाचन कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर कमियां ढूंढ रहे हैं। राजधानी देहरादून में तो निवर्तमान पार्षद सुखबीर सिंह बुटोला और अन्य कई लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। इतना ही नहीं देहरादून की सूची में वार्ड नंबर 5 धोरण खास वार्ड में निवर्तमान पार्षद चुन्नीलाल के आगे श्रीमती लगा दिया गया है। इसको लेकर चुन्नीलाल का कहना है कि उन्होंने इस बात की शिकायत निर्वाचन को कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने अपने आसपास के लोगों के नाम काटे जाने पर भी आपत्ति जताई है। वार्ड नंबर 17 में भी कुछ इसी तरह की खामियां हैं। यहां पर एक परिवार के कई सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिए गए हैं। इस तरह की खामियां लगातार पकड़ में आ रही हैं। सबसे अधिक चर्चा में हरिद्वार की वोटर लिस्ट बनी हुई है। यहां पर गुरुवार को तहसीलदार प्रियंका ने टाउन हॉल में जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। बैठक में जब वोटर लिस्ट में संशोधन या कमियां ढूंढने के लिए कहा गया तो एक बड़ी मिस्टेक सामने आई। जांच में सामने आया कि शराब की बोतलों के नाम को वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया है।
यह मामला तब उजागर हुआ जब कनखल के निवर्तमान पार्षद एकता गुप्ता के पति मयंक गुप्ता ने अपने वार्ड की मतदाता सूची तहसीलदार के सामने रखी। जिसमें पिता के नाम की जगह शराब का नाम और वोटर का नाम भी शराब के ब्रांड के नाम पर रखा गया था। इस मतदाता सूची में वोटर को ब्लैक मोंक जबकि पिता का नाम ब्लेंडर्स प्राइड जोड़ा गया है। आपत्ति जताने वाले मयंक गुप्ता का कहना है कि उन्होंने अपनी बात को निर्वाचन तक पहुंचा दिया है और उम्मीद है कि जल्द ही यह खामियां ठीक हो जाएंगी। ये बात भी बताए योग्य है कि जिस वक्त बैठक में यह मामला सामने आया तो वहां मौजूद कोई भी अपनी हंसी नहीं रोक पाया। हरिद्वार में इसी तरह का एक और मामला उजागर हुआ है। यहां पर जहां कई वोटरों के लिस्ट में नाम नहीं है लेकिन एक 6 साल के बच्चे का नाम जरूर वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया है। मतदाता सूची में ऋषिकुल कॉलोनी के वार्ड में बच्चे का नाम जोड़ा गया है। प्रदीप पांडे के पुत्र कार्तिक पांडे (जिसकी उम्र 6 साल है) का नाम भी मतदाता सूची में जोड़ दिया गया है। जबकि इसी कॉलोनी में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इतना ही नहीं, मायापुर से निवर्तमान पार्षद किरण जैसल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं है। उत्तराखंड में तीन से चार महीने के भीतर ही निकाय चुनाव होने हैं। ऐसे में लगातार वोटर लिस्ट में खामी और आए दिन इस तरह के मामले निर्वाचन के लिए सिर दर्द बन रहे हैं।