राजधानी से बड़ी खबर: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार! घोटाले में आया नाम, भाजपा पर भड़के केजरीवाल

Major news from the capital: 6 arrested, including former minister Satyendar Jain! Names linked to a scam; Kejriwal lashes out at the BJP.

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तत्कालीन डीजेबी सीईओ और आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं। 

एसीबी के प्रमुख सयुंक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह के मुताबित, मामला एसटीपी के उन्नयन और क्षमता बढ़ाने के लिए जारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता, टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें शामिल की गईं, जिनसे एक खास तकनीक और उसके प्रदाता यूरोटेक को तौर पर फायदा हुआ। इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ा। एसीबी ने इस मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं। एजेंसी का दावा है कि मामले में पैसों के पूरे लेन-देन और अपराध से अर्जित रकम की जांच जारी है।

जांच एजेंसी का दावा है कि निजी पक्षों और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में प्रतिबंधात्मक टेंडर शर्तों, कॉरिजेंडम और अन्य दस्तावेजों के आदान-प्रदान की बात सामने आई है। एसीबी के अनुसार, बाद में इन्हीं में से कुछ शर्तों को डीजेबी के एसटीपी टेंडर में शामिल किया गया।

एसीबी ने दावा किया कि तत्कालीन डीजेबी सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में एएन एंटरप्राइजेज के जरिये करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। जांच में इस रकम को रिश्वत बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। एएन एंटरप्राइजेज के खाते में यह रकम यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं के जरिये पहुंचने की बात भी जांच में सामने आई है।

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तार पर कहा कि सत्येंद्र को एक बार फिर बीजेपी ने गिरफ्तार करवा दिया है। अभी कुछ वक्त पहले इन लोगों ने जेल में डालकर उनकी जो दुर्दशा की थी, वह सबको याद है। पिछला केस भी फर्जी था और यह केस भी फर्जी साबित होगा। आखिर कब तक बीजेपी की ये तानाशाही चलती रहेगी? जिसे मन करता है, झूठे आरोप लगाकर जेल में डाल देते हैं। इनका झूठ एक बार फिर देश के सामने आएगा, लेकिन जेल में बिताए उस वक्त और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा? बीजेपी के पाप का घड़ा अब भर चुका है। ये चाहे जितनी तानाशाही कर लें, अब मोदी सरकार का अंत तय है।