उत्तराखण्डः हरिद्वार में कांवड़ मेला शुरू! ‘बम भोले’ के जयकारों से गूंजी धर्मनगरी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

Uttarakhand: Kanwar Mela begins in Haridwar! The holy city echoes with chants of ‘Bam Bhole’; police deployed at every nook and corner.

हरिद्वार। सावन महीने के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार से कांवड़ मेले की विधिवत शुरुआत हो गई। हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं। गंगाजल भरने के बाद शिवभक्त ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। कांवड़ मेले को लेकर शासन और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार मेले में करीब 5 करोड़ कांवड़ियों के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए कांवड़ मार्गों पर पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कांवड़ मेले को देखते हुए हरिद्वार जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों के साथ 13 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स और पीएसी संभाल रही है। डॉग स्क्वॉयड और बम डिस्पोजल स्क्वॉयड की टीमें भी लगातार संदिग्ध स्थानों और क्षेत्रों की जांच कर रही हैं। फिलहाल पैदल कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो गया है, जबकि शिवरात्रि नजदीक आने के साथ डाक कांवड़ का दबाव भी बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए लाखों वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं और व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

कांवड़ पटरी को भी सुचारू कर दिया गया है। पहले दिन बड़ी संख्या में कांवड़िए हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। वहीं बड़ी कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु हाईवे के किनारे से गुजरते दिखाई दिए। उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि सरकार कांवड़ियों के स्वागत और उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा सरल, सुगम और सुरक्षित हो। आंतरिक सड़कों के साथ हाईवे के गड्ढों को भी भरने का काम किया गया है। वहीं जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कांवड़ियों से यात्रा को व्यसन मुक्त रखने और डीजे पर तेज या भड़काऊ गाने नहीं बजाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़िए भगवान शिव का ही स्वरूप हैं, इसलिए सभी को संयम और अनुशासन के साथ यात्रा करनी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने भी छोटी घटनाओं को बड़ा रूप लेने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों ने धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली गतिविधियों, भड़काऊ गानों और सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर सतर्क रहने को कहा है। साइबर कमांडो की विशेष टीम सोशल मीडिया पर नजर रखेगी और भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। इस बार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त रणनीति के तहत भगवानपुर बॉर्डर से ही कांवड़ियों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। एक्सप्रेसवे सामान्य वाहनों के साथ एंबुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए खुला रहेगा। प्रशासन का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही से यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सीमा क्षेत्र से ही निगरानी बढ़ाई जाएगी और प्रवेश बिंदुओं पर पुलिस बल तैनात रहेगा।