Aug 20, 2026 Login

हल्द्वानीः रानीबाग चित्रेश्वर धाम में अतिक्रमण के खिलाफ 29 अगस्त को महापंचायत का ऐलान

Haldwani: 'Mahapanchayat' announced for August 29 against encroachment at Ranibagh Chitreshwar Dham.

हल्द्वानी। रानीबाग स्थित ऐतिहासिक चित्रेश्वर धाम में अतिक्रमण और कथित तौर पर बाहरी लोगों द्वारा बनाए गए शनि मंदिर के विरोध में पहाड़ी समाज ने मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर आयोजित बैठक में कत्युरी समाज समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि शासन-प्रशासन की ओर से समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 29 अगस्त, शनिवार को रानीबाग चित्रेश्वर धाम में अतिक्रमण के खिलाफ महापंचायत आयोजित की जाएगी। आयोजकों का दावा है कि महापंचायत में कत्युरी राजवंश से जुड़े हजारों लोगों के साथ नेता, अभिनेता, समाजसेवी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रानीबाग का चित्रेश्वर धाम कत्युरी राजवंश के इतिहास और पहाड़ की धार्मिक.सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। इसे राजमाता जिया की तपोभूमि के रूप में भी श्रद्धा के साथ देखा जाता है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर अतिक्रमण कर शनि मंदिर के नाम पर ढांचा खड़ा किया गया है। उन्होंने इसे केवल जमीन से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़ा विषय बताया। बैठक में तय किया गया कि चित्रेश्वर धाम में पौराणिक मंदिर से कथित छेड़छाड़ और अतिक्रमण के मामले को लेकर 21 अगस्त को क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी को शिकायत पत्र सौंपा जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 22 अगस्त को कत्युरी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से चित्रेश्वर धाम में बनाए गए शनि मंदिर के ढांचे को अन्यत्र स्थापित करने और ऐतिहासिक स्थल को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग रखी जाएगी। बैठक में पहाड़ी आर्मी के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि समाज अपनी संस्कृति, आस्था और सनातन परंपराओं से जुड़े स्थलों पर अतिक्रमण को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए पहाड़ी समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एकजुट होकर आगे आना होगा। वहीं, राजमाता जिया रानी समिति के अध्यक्ष रमेश मनराल और चंदन मनराल ने कहा कि जिला स्तरीय प्राधिकरण की ओर से कथित तौर पर कई बार नोटिस और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए जाने के बावजूद शनि मंदिर के नाम से बने ढांचे को हटाया नहीं गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन की ओर से कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है। बैठक में सीता रावत, राजेंद्र मनराल और प्रेमा मेर समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। बैठक में पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल, देवेंद्र सालाकोटी, राजेंद्र मनराल, नगर अध्यक्ष कविता जीना, प्रेमा मेर, चंदन मनराल, रमेश मनराल, दीपा बोरा, विनोद सिंह बिष्ट, मनोज रावत, जय रावत, विनोद नेगी, सुभाष कांडपाल, राजेंद्र जोशी और अनुराग भारती समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।