Aug 20, 2026 Login

नैनीतालः डीएसबी परिसर में छात्र महासंघ का हल्लाबोल! आश्वासन के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर निदेशक कार्यालय का घेराव, सोमवार तक का दिया अल्टीमेटम

Nainital: Student Federation stages a protest at the DSB Campus! They besieged the Director's office after their demands remained unmet despite assurances, and issued an ultimatum until Monday.

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्र महासंघ के अध्यक्ष आशीष कबड़वाल के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने बुधवार को डीएसबी परिसर पहुंचकर निदेशक कार्यालय का घेराव किया। छात्रों ने परिसर में बुनियादी सुविधाओं की कमी, खेल मैदान और शौचालयों की खराब स्थिति, क्षतिग्रस्त सड़क, स्मार्ट बोर्ड की मांग के साथ ही परीक्षा परिणाम और आंतरिक अंकों में हो रही देरी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान कुछ छात्रों ने डीएसबी परिसर के मुख्य गेट पर कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन का पुतला भी दहन किया। छात्र महासंघ अध्यक्ष आशीष कबड़वाल ने कहा कि 14 जुलाई को छात्रों ने विश्वविद्यालय का घेराव किया था। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक माह छह दिन बीतने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। कबड़वाल के मुताबिक, इसी के चलते छात्र प्रतिनिधि दोबारा निदेशक कार्यालय पहुंचे और विश्वविद्यालय प्रशासन से यह जवाब मांगा कि लिखित रूप से दिए गए सात-आठ बिंदुओं वाले आश्वासन पर आखिर कब तक कार्रवाई होगी। छात्रों ने निदेशक कार्यालय का घेराव किया, लेकिन कबड़वाल के अनुसार इस दौरान निदेशक और अन्य संबंधित अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। बाद में प्रॉक्टर कार्यालय से डीएसआरयू अधिकारी छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने सोमवार तक का समय दिया। छात्र महासंघ अध्यक्ष ने कहा कि यदि सोमवार तक बुनियादी सुविधाओं, सड़क और अन्य मांगों पर काम शुरू नहीं हुआ तो छात्र कॉलेज बंद कराकर परिसर में धरने पर बैठेंगे। कबड़वाल ने बताया कि 14 जुलाई को उन्होंने कुलपति से भी मुलाकात कर मांगों को लेकर बातचीत की थी और कुलपति की ओर से समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन यदि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता देने का दावा करता है तो डीएसबी परिसर की मौजूदा स्थिति भी उसे देखनी चाहिए। कबड़वाल ने डीएसबी परिसर के फाइन आर्ट्स के बीएफए विभाग से जुड़ी छात्रों की शिकायत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने एक शिक्षक के व्यवहार को लेकर शिकायतें की हैं। उनका कहना था कि वह किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से निशाना नहीं बना रहे हैं, लेकिन यदि किसी शिक्षक द्वारा छात्रों पर व्यक्तिगत टिप्पणियां की जाती हैं तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने बीएफए विभाग में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी मांगी और कहा कि विश्वविद्यालय तथा परिसर प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं और यदि नहीं लगे हैं तो इसकी वजह क्या है।

परीक्षा परिणाम और इंटरनल मार्क्स में देरी पर भी नाराजगी
छात्र महासंघ ने परीक्षा परिणामों में देरी और आंतरिक अंकों के समय पर विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में अपडेट नहीं होने को भी गंभीर मुद्दा बताया। कबड़वाल ने कहा कि कई छात्रों को दूसरे विश्वविद्यालयों और संस्थानों में आगे प्रवेश लेना होता है, लेकिन समय पर परिणाम और अंक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कॉलेजों की ओर से छात्रों के इंटरनल मार्क्स भेजे जा रहे हैं तो वे विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में समय पर अपडेट क्यों नहीं होते। छात्रों को इसके लिए बार-बार आवेदन लेकर अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कबड़वाल ने परीक्षा नियंत्रक और उप परीक्षा नियंत्रक की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को परीक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को ढूंढना पड़ रहा है। दूर-दराज से आने वाले छात्रों के लिए यह और बड़ी परेशानी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से संबंधित व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर.उधर भटकना न पड़े।