Aug 20, 2026 Login

उत्तराखण्डः बिना टेंडर खनन पट्टे और निजी कंपनी से रॉयल्टी वसूली पर हाईकोर्ट में सुनवाई! राज्य सरकार से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

Uttarakhand: High Court hearing on mining leases granted without tenders and royalty collection by a private company; response sought from the state government within three weeks.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में राज्य द्वारा एक निजी कंपनी को खनन की रॉयल्टी वसूलने और बिना टेंडर के खनन पट्टे देने का अधिकार दिए जाने वाली नियमावली को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार से 3 सप्ताह में जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा है कि पूर्व में हुई सुनवाई के निर्देशों के क्रम में अब तक क्या कार्यवाही की गई। मामले की सुनवाई के लिए 3 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। बता दें कि हल्द्वानी निवासी संतोष सिंह हर्नवाल ने उच्च न्यायालय में उत्तराखंड में खनन की रॉयल्टी वसूलने के लिए और कुछ खनन पट्टों को बिना टेंडर प्रक्रिया के स्वीकृत करने के लिए बनाई गई नियमावली को चुनौती देती याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड सरकार ने खनिज परिहार नियमों में संशोधन कर रॉयल्टी वसूलने का काम निजी हाथों में दे दिया। इतना ही नहीं, टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली एल-1 कंपनी को खाली पड़े खनन पट्टों का काम भी सौंपने का प्रावधान किया गया। जबकि  रॉयल्टी वसूलना राज्य का संवैधानिक कार्य है, इसे निजी कंपनी को देना राज्य के हितों के खिलाफ है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कोर्ट ने पूर्व में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वो खनन के लिए एक अलग कॉरपोरेशन बनाने पर विचार करे। जिसपर अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई।