Aug 20, 2026 Login

नैनीतालः हाईकोर्ट शिफ्टिंग मामले में मुखर हुए अधिवक्ता! आम सभा कर दी चेतावनी, बताया पहाड़ विरोधी फैसला

Nainital: Advocates become vocal over the High Court shifting issue! They issued a warning during a general meeting, terming the decision 'anti-hills'.

नैनीताल। हाईकोर्ट शिफ्टिंग का मामला लगातार तूल पकड़ता नज़र आ रहा है। हाईकोर्ट अधिवक्ताओं के बाद ज़िला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी विरोध शुरू कर दिया है। गुरुवार को प्रताप भैया सभागार में ज़िला बार एसोसिएशन द्वारा एक आम सभा आयोजित कर अधिवक्ताओं की राय ली गई, जिसमें वक्ताओं ने नैनीताल से अन्यत्र हाईकोर्ट शिफ्ट करने को लेकर अन्याय पूर्ण बताया। पूर्व अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी ने हाईकोर्ट शिफ्टिंग का विरोध करते हुए कहा कि आंदोलन शुरू करने में कोई भी निर्णय लेने से पहले सारे सहयोगियों से वार्ता कर आगे की रणनीति बनानी चाहिए, उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। वहीं पूर्व अध्यक्ष नीरज साह ने विरोध को कानूनी ढंग से लड़ने पर ज़ोर दिया। पूर्व अध्यक्ष मनीष मोहन जोशी ने भी विरोध करते हुये आंदोलन की चेतावनी दी। वक्ताओं में उप सचिव नीरज गोस्वामी ने उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड में 85 प्रतिशत पर्वतीय क्षेत्र होने के बावजूद सारे बड़े संस्थान 15 प्रतिशत वाले तराई क्षेत्र में स्थापित हैं और अब हाईकोर्ट को भी तराई में ले जाने की तैयारी हो रही है, इससे पहाड़ों से पलायन होना निश्चित है।

पूर्व अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि मैंने अपने जीवनकाल में कोई भी स्थापित हाईकोर्ट किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट होते नहीं देखा, ये क्यों हो रहा है समझ से परे है। वहीं सुशील शर्मा ने भी हाईकोर्ट शिफ्टिंग को पहाड़ विरोधी बताया। इसी क्रम में तरुण चंद्रा, मनीष कांडपाल, अशोक मौलेखी, सोहन तिवारी, रचित तिवारी, पूर्व सचिव भानू प्रताप सिंह मौनी, नवीन पंत, संध्या शर्मा, कैलाश जोशी व ज़िला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा ने विरोध जताते हुए हाईकोर्ट शिफ्ट का अपने वक्तव्य में पुरजोर विरोध किया। अंत में अध्यक्ष अरुण बिष्ट ने कहा कि हम पहाड़ हित के साथ हैं, हाईकोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में आगे आंदोलन के लिए सभी बार एसोसिएशन से वार्ता कर निर्णय लिया जायेगा। सभा का संचालन सचिव संजय सुयाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण बिष्ट, उपाध्यक्ष कमल चिलवाल, सचिव संजय सुयाल, उप सचिव नीरज गोस्वामी, कार्यकारिणी सदस्यों में निर्मल कुमार, बिलाल अहमद, तारा आर्या, सरिता बिष्ट, मान सिंह बिष्ट, सुनील बिष्ट, हेमा शर्मा, पूजा साह, किरण आर्या, कमला अधिकारी, दीपक दत्त पांडे, मो. तय्यब, अब्दुल समीर, हरेंद्र सिंह, अनिल वाल्मीकि,  बीके सांगुड़ी, पवन खनायत आदि मौजूद रहे।