सेवा संकल्प और आस्था का संगम: पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में जश्न,जन्मभूमि से लेकर कर्मभूमि तक जगमगाए आशीर्वाद के दीये
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आज देश-दुनिया में उत्साह, आस्था और सेवा भाव की अनूठी बयार देखने को मिली। उनकी जन्मभूमि गुजरात के वडनगर से लेकर राजनीतिक कर्मभूमि उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक पूरा देश उत्सव के माहौल में सराबोर नजर आया। राष्ट्रपति, संवैधानिक पदों पर आसीन शीर्ष हस्तियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देकर उनके दीर्घायु और निरोगी जीवन की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को देशभर में धार्मिक, सामाजिक और सेवा गतिविधियों का सिलसिला देखने को मिला। गुजरात के वडनगर से लेकर उत्तर प्रदेश की वाराणसी और मध्य प्रदेश के उज्जैन तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री के जन्मदिन को इस वर्ष उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जोड़ा गया है। भाजपा की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनके वर्तमान संसदीय राजनीतिक जीवन से जुड़ा प्रमुख केंद्र है। जन्मदिन के अवसर पर दोनों शहरों को जोड़ते हुए ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि’ सेवा यात्रा भी शुरू की गई। वाराणसी और वडनगर से निकलने वाली मोटरसाइकिल यात्राओं को विभिन्न राज्यों और जिलों से होकर गुजरने की योजना बनाई गई है। आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान स्वच्छता, पौधरोपण, जल संरक्षण और अन्य सेवा गतिविधियां भी की जाएंगी। उत्तराखंड में भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। देहरादून जिले के कालसी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और आरती की। पूजा-अर्चना के दौरान स्थानीय स्तर पर भी लोगों की मौजूदगी रही। प्रदेश में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर धार्मिक आयोजन और आरती के बाद ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े इस अभियान में सेवा गतिविधियों को भी प्रमुखता दी गई। केंद्र सरकार की ओर से भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा गया है। नई दिल्ली में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें उपचार और पुनर्वास पूरा कर चुके नशामुक्त लोगों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने जन्मदिन पर देशभर से मिले स्नेह और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। उन्होंने ‘आशीर्वाद का दीया’ को स्नेह की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा कि प्रत्येक आशीर्वाद देश की सेवा के प्रति उनके संकल्प को और मजबूत करता है। जन्मदिन के अवसर पर कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और अन्य सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए भाजपा युवा मोर्चा की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी रक्तदान कार्यक्रमों का जिक्र किया। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा को जोड़ने की कोशिश दिखाई दी। स्वच्छता अभियान भी इसी अवधि में शुरू होने वाले राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान से जुड़ रहा है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की तथा इसी संदर्भ में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग का भी उल्लेख किया। विदेशों से भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामना संदेश मिले। इस तरह मोदी के जन्मदिन पर जन्मभूमि वडनगर से लेकर कर्मभूमि काशी तक कार्यक्रमों का केंद्र केवल उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, स्वच्छता, सामाजिक गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों का संयोजन रहा। महीनेभर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए इन गतिविधियों को आगे भी जारी रखने की योजना है।