उत्तराखंड: ईंट भट्ठों में बंधुआ मजदूरी पर हाईकोर्ट सख्त,राज्य सरकार से मांगा जवाब
उत्तराखंड में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के अधिकार और उनके पुनर्वास से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने गृह सचिव को शपथ पत्र दाखिल कर यह बताने के निर्देश दिए हैं कि बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। मामलेे की अगली सुनवाई के लिए 3 सप्ताह बाद की तिथि नियत की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान वर्ष 2024 में सिंगल जज ने गृह सचिव को काउंटर दाखिल कर यह बताने के निर्देश दिए थे कि मुक्त कराए गए मजदूरों के पुनर्वास के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। लेकिन निर्धारित जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद मामला डिवीजन बेंच के सामने पहुंचा।
आपको बता दें कि अनिल कुमार समेत कुछ मजदूरों याचिका दायरकर कहा था कि ईंट भट्ठों पर मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ बनाकर काम कराने और उन्हें कानून के तहत मिलने वाले लाभ नहीं दिए जा रहे हैं याचिकाकर्ता अनिल कुमार समेत कुछ मजदूरों को ईंट भट्ठों पर बंधक बनाए जाने का आरोप था। याचिका दायर होने के बाद उन्हें वहां से मुक्त कराया गया था।डिवीजन बेंच ने अब राज्य सरकार से बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। कोर्ट ने गृह सचिव को शपथ पत्र दाखिल कर यह बताने को कहा है कि संबंधित कानून के तहत क्या कार्रवाई की गई, क्या कमेटी गठित की गई और मजदूरों के पुनर्वास के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।