उत्तराखण्ड में संतों ने अनोखे अंदाज में मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन! 76 किलो बूंदी का केक काटा, मंदिर में हुआ यज्ञ
हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर धर्मनगरी हरिद्वार में विभिन्न धार्मिक और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। मिश्री मठ में साधु-संतों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन को मानव सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए 76 किलो बूंदी से तैयार केक काटा। इस दौरान प्रधानमंत्री की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई। कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक एवं नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सनातन धर्म से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को प्रमुख उदाहरण बताया। करौली शंकर महाराज ने कहा कि उनके अनुसार राम मंदिर का निर्माण बिना रक्तपात और संघर्ष के पूरा हुआ और आज अयोध्या में मंदिर श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाने का संदेश दिया है। इसी भावना के तहत संत समाज ने भी मानव सेवा का संकल्प लिया। उनके अनुसार जरूरतमंदों की सहायता और समाजहित में किए जाने वाले कार्यों के जरिए सेवा की भावना को आगे बढ़ाया जा सकता है। बड़ा अखाड़ा के कारोबारी महंत गोविंद दास महाराज ने भी लोगों से जन्मदिन के अवसर पर सेवा कार्यों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि संत समाज जरूरतमंदों की सहायता और कल्याण से जुड़े सेवा कार्यों में अपनी भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना और यज्ञ का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी के नेतृत्व में संतों और श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को प्रसाद और मिठाई वितरित की गई। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, मनसा देवी मंदिर में पीएम मोदी के जन्मदिन पर पूजा और मिष्ठान वितरण का आयोजन हुआ। इस मौके पर महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि आगामी 7 अक्टूबर को गांधी नगर में श्री कृष्ण जन्मभूमि अभियान को लेकर विशेष धार्मिक अनुष्ठान प्रस्तावित है।