उत्तराखण्डः सीने में दर्द की शिकायत लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचा शख्स अचानक स्टूल से गिरा! मेडिकल स्टोर संचालक ने ऐसे बचाई जान
चमोली। कर्णप्रयाग-सिमली मार्ग पर स्थित एक मेडिकल स्टोर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। व्यक्ति मेडिकल स्टोर में स्टूल पर बैठा था, तभी अचानक नीचे गिर पड़ा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मेडिकल स्टोर संचालक कैलाश चंद्र ने तत्काल प्राथमिक सहायता देते हुए उसे सीपीआर दिया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार है। मेडिकल स्टोर संचालक कैलाश चंद्र के मुताबिक, 16 सितंबर की देर शाम एक व्यक्ति अपनी मां के साथ मेडिकल स्टोर पर पहुंचा था। व्यक्ति ने सीने में दर्द होने की शिकायत की। इसके बाद संचालक ने उसका ब्लड प्रेशर जांचा। जांच में बीपी करीब 140 दर्ज किया गया। स्थिति को देखते हुए कैलाश चंद्र ने उसे तत्काल अस्पताल जाने की सलाह दी। हालांकि, व्यक्ति ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और सीने में दर्द को गैस से जुड़ी समस्या बताते हुए गैस की दवा देने को कहा। इसी दौरान वह स्टूल पर बैठा हुआ था कि अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। व्यक्ति के अचानक गिरने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक ने बिना समय गंवाए स्थिति संभाली।
कैलाश चंद्र ने उसे सीपीआर दिया और इसके बाद अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। समय पर मिली प्राथमिक सहायता के बाद व्यक्ति को चिकित्सकीय उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल डॉक्टर उसका उपचार कर रहे हैं और उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। घटना के बाद मेडिकल स्टोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सामने आई है। फुटेज में व्यक्ति को स्टूल पर बैठे देखा जा सकता है, जिसके बाद वह अचानक नीचे गिर जाता है। इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक तत्काल उसकी मदद के लिए आगे आते दिखाई देते हैं। कैलाश चंद्र ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में देहरादून से फार्मेसी का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में करीब तीन साल तक काम किया। लंबे समय तक मेडिकल क्षेत्र से जुड़े रहने के कारण उन्हें आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता की जानकारी थी। यही अनुभव इस घटना के दौरान उनके काम आया। कैलाश चंद्र का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर प्राथमिक सहायता मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचाए जाने तक उसकी स्थिति संभालने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि घटना के समय उन्होंने भी उपलब्ध जानकारी और प्रशिक्षण के आधार पर तत्काल सीपीआर देकर व्यक्ति की मदद करने का प्रयास किया।