उत्तराखण्डः सिरोलीकलां समेत अन्य ग्रामों में अवैध खनन का मामला! हाईकोर्ट में कल 19 दिसंबर को भी होगी सुनवाई, जिला खनन अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होने के आदेश
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में उधम सिंह नगर जिले के सिरोलीकलां सहित करीब पांच अन्य ग्रामों में अवैध खनन करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने मामले में कल 19 दिसंबर को भी सुनवाई जारी रखते हुए जिला खनन अधिकारी उधम सिंह नगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसनिंग के माध्यम से कोर्ट मे पेश होने के साथ ही यह भी पूछा है कि कहां-कहां पर खनन कार्य किया जा रहा है और कहां-कहां पर खनन के पट्टे जारी किए हैं इसे स्पष्ट करें। आज हुई सुनवाई पर राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को ड्रोन से ली गयी फोटोग्राफ पेश की। जब कोर्ट ने पूछा की ये फोटोग्राफ कब ली गयी तो कोर्ट को कोई संतुष्ट उत्तर नहीं मिला, न ही फोटोग्राफ में दिन, समय अंकित था। जिसपर कोर्ट संतुष्ट नहीं हुई और जिला खान अधिकारी को इसे स्पष्ट करने के लिए कोर्ट मे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश होने को कहा है। बता दें कि उधमसिंह नगर के सिरोलीकलां निवासी मोहम्मद इमरान रजा व अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सिरोली कलां सहित उनके आसपास के पांच अन्य ग्रामों में अवैध खनन का कार्य किया जा रहा है। जिसकी वजह से उनकी भूमि का कटान होने के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। यही नहीं अवैध खनन से भूमि में पंद्रह से तीस फुट गहरे गड्ढे हो गएं हैं। जिसमें पिछले साल गड्डों में पानी भरने की वजह से दो मासूमों को जान गवानी पड़ी। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। अभी भी वहां पर अवैध खनन हो रहा है। उसकी वर्तमान फोटोग्राफ भी जनहित याचिका में लगाए गए हैं। जनहित याचिका में उनके द्वारा कोर्ट से प्रार्थना की है कि अवैध खनन पर रोक लगाई जाए।