उत्तराखण्डः ज्योतिर्मठ में नगर पालिका परिसर में पढ़ी गई नमाज! वायरल वीडियो देख भड़के लोग, पुलिस और प्रशासनिक अमला अलर्ट
गोपेश्वर। बदरीनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ज्योतिर्मठ की नगर पालिका परिषद के सभागार में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद खासा बवाल मचा हुआ है। इस मामले में स्थानीय लोगों के साथ हिंदू संगठनों ने भी पालिका कार्यालय पहुंचकर आक्रोश जताया। साथ ही पालिकाध्यक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए। पुलिस-प्रशासन ने मौके पर प्रदर्शनकारियों से वार्ता के बाद सभागार में नमाज पर रोक लगाकर वहां ताला जड़ दिया। यह सभागार पालिका ने खेल विभाग को टेबल टेनिस के प्रशिक्षण के लिए दिया हुआ है। इन दिनों यहां मरम्मत का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने एसडीएम को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने पालिकाध्यक्ष से रमजान के दौरान उक्त सभागार में नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी। इस पर पालिकाध्यक्ष ने मौखिक सहमति जताई थी। मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सभागार में नमाज अदा करने पहुंच गए। इस बीच एक युवक ने इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इससे स्थानीय निवासियों समेत हिंदू संगठनों में आक्रोश छा गया और गुरुवार को वह इसके विरोध में उतर आए। उन्होंने पुलिस और एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ से मिलकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि किसी भी सरकारी भूमि या भवन में नमाज पढ़ने की अनुमति देना गैरकानूनी है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने स्पष्ट किया कि नमाज पढ़ने के लिए पालिका से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई है। उधर पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी शाह ने माना कि पूर्व में इस सभागार का उपयोग नमाज पढ़ने के लिए किया गया था और इस बार भी मौखिक अनुमति दी गई थी, लेकिन अब जनभावनाओं को देखते हुए सभागार को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
मामले को लेकर प्रशासनिक अमला हुआ सतर्क
इधर ज्योतिर्मठ में नगर पालिका के निर्माणाधीन भवन में नमाज पढ़ने का वीडियो वारयल होने पर प्रशासन सतर्क हो गया है। एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर वार्ता करते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा। साथ ही पुलिस को निर्देश दिए कि माहौल बिगाड़ने वालों पर निगरानी रखें। एसडीएम ने बताया कि वीडियो वायरल होने पर दोनों समुदाय के लोगों को बुलाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया। पुलिस को भी मामले पर नजर रखने को कहा गया है।