Aug 19, 2026 Login

नैनीताल:लोअर मॉल रोड का काम 10 अक्टूबर तक पूरा करने का दावा, PWD ने डिजाइन बदलाव और अतिरिक्त कार्य को बताया देरी की वजह!

The Lower Mall Road project is expected to be completed by October 10th, but the PWD has cited design changes and additional work as the reasons for the delay.

नैनीताल। नैनीताल की लोअर मॉल रोड के सिंकिंग जोन के पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में हो रही देरी को लेकर लोक निर्माण विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। अधीक्षण अभियंता द्वितीय वृत्त, लोक निर्माण विभाग नैनीताल की ओर से 17 अगस्त 2026 को मां नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कार्य में देरी मुख्य रूप से स्थल की वास्तविक भू-तकनीकी परिस्थितियों, डिजाइन में बदलाव और अतिरिक्त कार्यक्षेत्र बढ़ने के कारण हुई है। विभाग ने ठेकेदार के वर्क प्रोग्राम के अनुसार कार्य को 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया है।

विभाग के अनुसार वर्ष 2018 में नैनीताल की लोअर मॉल रोड का एक हिस्सा भू-धसांव के चलते नैनी झील में धंस गया था। प्रभावित करीब 40 मीटर हिस्से के पुनर्स्थापन और झील की ओर हो रहे भू-धसांव को रोकने के लिए शासनादेश दिनांक 12 जून 2023 के माध्यम से एसडीएमएफ मद में 348.01 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी।

कार्य के लिए सात बार ई-निविदा आमंत्रित की गई। सातवीं निविदा में चार निविदाएं प्राप्त हुईं, जिनमें न्यूनतम दर देने वाली फर्म मैसर्स स्टारकॉन इन्फ्रा प्रोजेक्ट की दरें स्वीकृत की गईं। इसके बाद 25 अप्रैल 2025 को करीब 345.99 लाख रुपये का अनुबंध गठित किया गया।

विभाग के मुताबिक कार्य 22 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था और इसे नौ माह में यानी 21 जून 2026 तक पूरा किया जाना था। मूल डिजाइन में करीब 40 मीटर हिस्से में माइक्रोपाइल और आरसीसी स्लैब के माध्यम से कार्य प्रस्तावित था। विभाग ने बताया कि अनुबंध के अनुसार 122 एसडीआरए सीमेंट ग्राउटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि माइक्रोपाइलिंग ड्रिलिंग का काम प्रगति पर है।

PWD के अनुसार 14 सितंबर 2025 को पहले से प्रभावित हिस्से के अतिरिक्त करीब 30 मीटर सड़क और क्षतिग्रस्त हो गई। जनसुरक्षा और मार्ग की सुरक्षा को देखते हुए सड़क को बंद करना पड़ा, जिसके बाद 22 सितंबर से वास्तविक रूप से पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण कार्य शुरू किया जा सका।

कार्य के दौरान स्थल की वास्तविक भू-तकनीकी परिस्थितियां प्रस्तावित डिजाइन से अलग पाए जाने पर तकनीकी परीक्षण और पुनः डिजाइन के लिए मामला टीएचडीसी के समक्ष भेजा गया। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को संशोधित डिजाइन उपलब्ध कराया गया।

संशोधित डिजाइन में 350 मिमी की जगह 300 मिमी माइक्रोपाइल की ओडेक्स पद्धति से ड्रिलिंग का प्रावधान किया गया। इसके चलते मशीनरी और सामग्री में बदलाव करना पड़ा। साथ ही माइक्रोपाइल की संख्या भी 42 से बढ़ाकर 51 कर दी गई, जिससे कार्य का दायरा और जटिलता बढ़ गई।

विभाग ने कहा है कि तकनीकी परिस्थितियों, डिजाइन परिवर्तन और अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के कारण कार्य अवधि प्रभावित हुई। इसके अलावा जुलाई और अगस्त में कांवड़ यात्रा के चलते केसिंग पाइप आदि की आवाजाही में भी कुछ दिनों की देरी हुई। विभाग का कहना है कि सभी निर्णय आवश्यक तकनीकी परामर्श और टीएचडीसी की सलाह के अनुसार लिए गए हैं।

अब विभाग ने ठेकेदार के वर्क प्रोग्राम के अनुसार माइक्रोपाइलिंग और उसके बाद आरसीसी स्लैब कास्टिंग का काम पूरा करते हुए 10 अक्टूबर 2026 तक लोअर मॉल रोड के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

 मूल रूप से 21 जून 2026 तक पूरा होने वाला काम अब अक्टूबर तक क्यों खिंच गया और सड़क बंद होने से स्थानीय व्यापारियों, पर्यटकों तथा आम लोगों को हुई परेशानी की भरपाई कैसे होगी। लंबे समय से अधूरे पड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग को लेकर अब निगाहें विभाग द्वारा तय की गई नई 10 अक्टूबर की समयसीमा पर टिकी हैं।