उत्तराखण्डः गौला नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे! हाईकोर्ट ने सरकार से 2 सप्ताह में मांगा जवाब
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी क्षेत्र के उडुवा और पस्तोला गांव में बच्चों द्वारा शिक्षा के लिए जान जोखिम में डालकर गौला नदी पार करने के मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने वर्ष 2021 की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 2 सप्ताह के भीतर बताएं कि प्रस्तावित सड़क और झूला पुल के प्रोजेक्ट पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। याचिकाकर्ता गगनदीप चड्ढा द्वारा दायर इस याचिका में बताया गया था कि दोनों गांवों में कोई इंटर कॉलेज न होने के कारण बच्चों को हैड़ाखान स्थित स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से बच्चों का स्कूल जाना असंभव हो जाता है और उनकी पढ़ाई ठप पड़ जाती है। पूर्व में अधिकारियों द्वारा झूला पुल और 6 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। कोर्ट ने आज भी बच्चों को हो रही इस भारी परेशानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से प्रगति रिपोर्ट तलब की है।