उत्तराखण्डः बीपीएड-एमपीएड बेरोजगारों की याचिका पर सुनवाई! हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बीपीएड और एमपीएड कोर्स किये हुए बेरोजगारों के लिए शारीरिक शिक्षा पढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विज्ञप्ति जारी नही करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार से जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जून की तिथि नियत की है। मामले के अनुसार बीपीएड और एमपीएड कोर्स किए हुए बेरोजगार संगठन ने याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने कक्षा एक से लेकर कक्षा 12 तक फिजिकल एज्युकेशन विषय को अनिवार्य कर दिया है। लेकिन इस विषय को पढ़ाने के लिए अध्यापकों की आवश्यक्ता है। परंतु सरकार इन पदों को भरने के लिए विग्यप्ति जारी नही कर रही है। जिसकी वजह से पढने वाले छात्रों को शारीरिक शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि 2020 की नई शिक्षा नीति में सरकार ने कहा है कि कक्षा एक से लेकर कक्षा बारह तक फिजिकल एज्युकेशन विषय रहेगा। 2025 की नियमावली में फिजिकल एज्युकेशन विषय को अनिवार्य रूप से कर दिया गया। उसके बाद भी इसको लेकर कोई विज्ञप्ति जारी नही की गई। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि इस विषय को पढ़ाने के लिए विज्ञप्ति निकालने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाएं।