कैंची धाम स्थापना दिवसः आक्रोश के बीच अफसरों ने संभाली कमान! लाव-लश्कर के साथ धरातल पर उतरे! लिया व्यवस्थाओं का जायजा, गुस्से में व्यापारी

Kainchi Dham Foundation Day: Officials take charge amidst public resentment! They arrived on the ground with a large entourage to inspect arrangements, while traders expressed their anger.

नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली महाराज के कैंची धाम में सोमवार 15 जून को स्थापना दिवस श्रद्धा, आस्था और भक्ति के माहौल में मनाया जाएगा। स्थापना दिवस के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हालांकि मेले से ठीक एक दिन पहले हुए कथित छेड़छाड़ विवाद ने क्षेत्र का माहौल गरमा दिया, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। बता दें कि स्थापना दिवस को लेकर जहां श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं शनिवार देर रात सामने आए विवाद के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी भी दिखाई दी। जानकारी के अनुसार मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर एक होम-स्टे संचालक की बेटी के साथ कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया। आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई करने के बाद उन्हें पुलिस चौकी तक ले जाकर कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव किया। घटना के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। इस प्रकरण ने स्थापना दिवस की तैयारियों के बीच प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी। इसी बीच रविवार को प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मैदान में उतरे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मण्डलायुक्त दीपक रावत, आईजी कुमाऊं रेंज निवेदिता कुकरेती तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने संयुक्त रूप से भवाली, भीमताल और कैंची धाम क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवाली सेनेटोरियम, नैनी बैंड, खुटानी और विकास भवन भीमताल सहित विभिन्न पार्किंग स्थलों की क्षमता का परीक्षण किया। साथ ही बैरियर ड्यूटी, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधन का भी गहन निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर परिसर में स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क और निगरानी प्रणाली की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि बाबा नीम करोली महाराज के दर्शन के लिए देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराए जाएं तथा कतार प्रबंधन और बैरीकेडिंग व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से पैदल आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि भीड़ प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। आईजी कुमाऊं रेंज निवेदिता कुकरेती और एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. लगातार ग्राउंड जीरो पर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा सुरक्षा बलों को लगातार ब्रीफिंग दी जा रही है और रूट डायवर्जन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार मेला क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल, एलीट फोर्स और खुफिया इकाइयों को तैनात किया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नैनीताल पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी यातायात एवं सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन को उम्मीद है कि बाबा नीम करोली महाराज के स्थापना दिवस का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न होगा।