उत्तराखण्डः बागेश्वर जिले के गांवों में अवैध खड़िया खनन से आई दरारों के मामले में सुनवाई! हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा शपथ पत्र

Uttarakhand: Hearing held regarding cracks caused by illegal soapstone mining in Bageshwar district villages; High Court seeks affidavit from the government.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले के कांडा तहसील सहित कई अन्य गांवों में अवैध खड़िया खनन से आई दरारों के मामले में स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका के अलावा 165 खनन इकाइयों से सम्बन्धित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए कोर्ट की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से 2 सप्ताह में शपथ पत्र पेश कर पीड़ित परिवारों की परेशानियों को दूर करने के लिए किए जा उपायों से कोर्ट को अवगत कराने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने अगस्त माह की तिथि नियत की है। बता दें कि पूर्व में कांडा तहसील के ग्रामीणों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर कहा था कि अवैध खड़िया खनन से उनकी खेतीबाड़ी, घर, पानी की लाइनें चौपट हो चुकी हैं। जो धन से सपन्न थे उन्होंने अपना आशियाना हल्द्वानी व अन्य जगह पर बना दिया है। अब गावों में निर्धन लोग ही बचे हुए हैं। उनके जो आय के साधन थे उनपर अब खड़िया खनन के लोगों की नजर टिकी हुई है। इस सम्बंध में कई बार उच्च अधिकारियों को प्रत्यावेदन भी दिए, लेकिन उनकी समस्या का कुछ हल नही निकला। इसलिए अब हम न्यायालय की शरण में आये हैं। उनकी समस्या का समाधान किया जाए।