साहिबगंज को बड़ी सौगात: पश्चिमी रेलवे फाटक पर बनेगा आरओबी, हावड़ा जोन के जीएम ने किया ऐलान
साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले को रेलवे अवसंरचना के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। पूर्वी रेलवे, हावड़ा जोन के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर ने सोमवार को अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान घोषणा की कि शहर के लंबे समय से लंबित पश्चिमी रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना का टेंडर पूरा हो चुका है और जिला प्रशासन से अंतिम स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, पूर्वी रेलवे फाटक पर भी आरओबी के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है, जिस पर जल्द आगे की कार्रवाई होगी।
अपने दौरे के दौरान जीएम मिलिंद देउस्कर ने सबसे पहले साहिबगंज रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पूर्वी रेलवे हाई स्कूल पहुंचकर स्कूल के जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन किया तथा वहां की शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। यह रेलवे हाई स्कूल कुछ समय पहले बंद होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन अब इसे नए स्वरूप में पुनर्जीवित किया गया है। स्कूल को सीबीएसई मान्यता मिलने के बाद कक्षा एक से चार तक छात्राओं का नामांकन शुरू किया गया है। निरीक्षण के दौरान जीएम ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया, कंप्यूटर कक्ष का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से बातचीत भी की। स्कूल पहुंचने पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उनका स्वागत किया। विद्यालय की प्रगति पर संतोष जताते हुए मिलिंद देउस्कर ने कहा कि रेलवे स्कूलों का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस विरासत को बनाए रखना रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से इस संस्थान को नई पहचान दी जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान जीएम ने कहा कि पश्चिमी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज की मांग वर्षों से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा उठाई जाती रही है। रेलवे ने इस जनभावना को गंभीरता से लेते हुए परियोजना का टेंडर पूरा कर लिया है। अब जिला प्रशासन से आवश्यक अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है और इसका डीपीआर तैयार हो चुका है। नई ट्रेनों की मांग पर जीएम ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि रेलवे इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रहा है और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप जल्द निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर स्थानीय समाजसेवियों और नागरिक प्रतिनिधियों ने भी जीएम के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें साक्षरता चौक-काटरगंज मुख्य मार्ग से चानन-कबूतरखोपी जाने वाले पुलिया मार्ग को दोबारा खोलने, रेलवे कर्मचारियों के लिए जर्जर क्वार्टरों की जगह नए आवास बनाने, रेलवे कॉलोनी में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग प्रमुख रही। जीएम ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिलाया और कहा कि रेलवे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। जीएम के इस दौरे और पश्चिमी रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण की घोषणा से साहिबगंज के लोगों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम और रेल फाटक पर लगने वाले इंतजार से परेशान लोगों को अब जल्द राहत मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ओवरब्रिज बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शहर के विकास को भी नई गति मिलेगी।