बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामलाः मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल पर कसा शिकंजा! कोर्ट ने 31 जुलाई तक पुलिस कस्टडी रिमांड दी, पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

 Badrinath Temple offering misappropriation case: Net tightens around prime accused Pramod Nautiyal! Court grants police custody remand until July 31; interrogation could lead to major revelations.

जोशीमठ। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में एक अहम घटनाक्रम के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौसर की अदालत ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को 28 जुलाई से 31 जुलाई तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने की अनुमति प्रदान कर दी है। इससे पहले पुलिस द्वारा दो बार कस्टडी रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन न्यायालय ने दोनों आवेदन खारिज कर दिए थे। सोमवार को पुलिस ने नए तथ्यों और जांच की आवश्यकता का हवाला देते हुए एक बार फिर रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब पुलिस को उम्मीद है कि कस्टडी के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी किस स्तर तक हुई और इसमें किन.किन लोगों की भूमिका रही। इधर, इस पूरे प्रकरण के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चढ़ावे की गणना व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। मंदिर समिति ने गणना कक्ष को पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया है। गणना कक्ष की मंदिर परिसर की ओर शीशे की दीवार बनाई गई है, जबकि ऊपरी हिस्से में लगभग तीन फीट ऊंची मजबूत जाली लगाई गई है। इसके अलावा पूरे गणना कक्ष में पांच सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से चढ़ावे की गणना के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि की निगरानी और रिकॉर्डिंग की जाएगी। वहीं, पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम भी मामले की गहन पड़ताल कर रही है। चढ़ावे से संबंधित अभिलेखों की विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है ताकि वित्तीय लेनदेन और रिकॉर्ड में किसी प्रकार की अनियमितता का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति भी समानांतर रूप से पूरे मामले की जांच कर रही है। समिति सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहे कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है।