Oct 11, 2026 Login
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उत्तराखंड HC:वत्सल फाउंडेशन की सचिव श्वेता मासीवाल द्वारा दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई,कोर्ट ने वन सचिव और डीएम नैनीताल सहित इन लोगो को भेजा नोटिस

Uttarakhand HC: Hearing in High Court on Public Interest Litigation filed by Vatsal Foundation Secretary Shweta Masiwal, Court sent notice to these people including Forest Secretary and DM Nainital

उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने वत्सल फाउंडेशन की सचिव श्वेता मासीवाल द्वारा रामनगर मे आमडंडा खत्ता के निवासियों को बिजली, पेयजल और विद्यालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दिलाये जाने के संबंध में दायर जनहित याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने भारत सरकार के वन सचिव, सदस्य सचिव नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड, प्रमुख वन्यजीव संरक्षक उत्तराखंड, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल रामनगर, अधिशासी अभियंता जल संस्थान रामनगर, जिलाधिकारी नैनीताल, मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने छः सप्ताह बाद की तिथि नियत की है । 
      मामले के अनुसार याचिकाकर्ता का कहना है कि आमडंडा क्षेत्र में विद्युतीकरण को लेकर  2015 में धनराशि आवंटित की गयी थी और संयुक्त निरीक्षण के अनुसार आमडंडा में विद्युतीकरण के लिए एक भी पेड़ नहीं काटा जाना है, जबकि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार सिर्फ प्रति हेक्टेयर 75 से अधिक पेड़ काटे जाने पर ही वन ग्राम में विद्युतीकरण हेतु केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता होती है लेकिन इस मामले में अधिकारियों की हीला हवाली के कारण 2015 से आज तक विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। इसी तरह आमडंडा में पेयजल को लेकर भी वर्ष 2012 से आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। याचिकाकर्ता का कहना था कि आमडंडा खत्ता के ग्रामीण बिजली पानी और शिक्षा के अभाव में कष्टमय जीवन जी रहे हैं और अधिकारियों द्वारा लगातार उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि उन्हें जरूरी मूलभूत सुविधाएं दिलाई जाय।