उत्तराखण्डः सरकार! तो ऐसे कैसे आगे बढ़ेगी बेटी? क्रिकेट कोच नरेन्द्र शाह पर लगे गंभीर आरोप! महिला खिलाड़ियों ने दर्ज कराए बयान, कहता था आगे बढ़ना है तो...
देहरादून। एक तरफ केन्द्र और राज्य सरकारें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और खेलों को बढ़ावा देने के संबंध में नारा लगा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों के शोषण की खबरें इन नारों पर पलीता लगाते दिखती है। उच्च पदों पर बैठे पदाधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों खासतौर पर महिला खिलाड़ियों का उत्पीड़न करने की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसा ही एक प्रकरण उत्तराखण्ड से सामने आया है। पर्वतीय क्रिकेट एसोसिएशन चमोली के निलंबित सचिव व लिटिल मास्टर क्रिकेट एकेडमी के कोच नरेन्द्र शाह पर एकेडमी में ही कोचिंग ले रही दो खिलाड़ियों ने छेड़छाड़ सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
खिलाड़ियों ने जांच अधिकारी सीओ अनिल जोशी के समक्ष शुक्रवार को बयान दर्ज कराए हैं। सीओ अनिल जोशी के अनुसार खिलाड़ियों ने नरेंद्र शाह पर आरोप लगाया है कि कोच उनके साथ छेड़छाड़ करता था और कहता था कि क्रिकेट में आगे बढ़ना है तो तुम्हें क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के पदाधिकारियों की शारीरिक जरूरतों को पूरा करना होगा। खिलाड़ियों ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2018 में एकेडमी ज्वाइन की थी।
खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि कोच लंबे समय से उनके साथ छेड़छाड़ कर रहा था। आरोपित कोच सीएयू के दो पदाधिकारियों का नाम लेकर कहता था कि उसकी उनसे अच्छी पहचान है। उन्हें धमकाया जाता था कि यदि किसी को कुछ बताया तो वह उन्हें उत्तराखंड में खेलने नहीं देगा और भविष्य खराब कर देगा। इससे वह भयभीत हो गईं थीं। 20 मार्च 2023 को कोच नरेंद्र शाह ने उनके मोबाइल फोन पर काल कर अश्लील बातें की। इस काल को उन्होंने रिकार्ड कर लिया था।
अब ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और खेलों को बढ़ावा देने संबंधी नारे कैसे सफल होंगे। आखिर क्यों इस प्रकार की खबरें समय-समय सामने आ रही हैं। ऐसे लोगों पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए।