उत्तराखंड:क्या दिन आ गए कांग्रेस के? भिखारी बन कांग्रेसी नेता ने मांगी वोटों की भीख,साथ ही कहा वोट नही दे सकते तो मेरे हारने के बाद मेरी अर्थी के लिए दे देना लकड़ी
भारत मे 5 राज्यो के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे है प्रत्याशी साम दाम दंड भेद हर तरह से वोटरों को लुभाने में दिन रात एक रहे है। प्रत्याशी जनता के आगे ऐसे गिड़गिड़ाते हुए नज़र आ रहे है जैसे कोई बच्चा किसी खिलौने के लिए रोता है। लेकिन हद तो तब हुई जब कांग्रेस के प्रत्याशी ने खुद को भिखारी कहकर वोट मांगा।
जी हां ! कभी कांग्रेस का सिक्का चलता था और आज स्थिति ये है कि कांग्रेस के नेता खुद को भिखारी कह कर वोट मांग रहे है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में इस कांग्रेसी नेता की वीडियो वायरल हो रही है जिसमे खुद को भिखारी कहते हुए वो वोट मांग रहे है।
Tehri Garhwal की घनसाली विधानसभा सीट से अपना भाग्य आजमा रहे कांग्रेस प्रत्याशी धनीलाल शाह इस तरह ही अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट मांग रहे हैं. भीख के रूप में वोट मांग रहे धनीलाल मतदाताओं से और भी काफी बातें कह रहे हैं. वे घर-घर जाकर लोगों से कह रहे हैं कि मुझे आपसे पूरी उम्मीद है कि इस बार आप मुझे विधानसभा जरूर भेजेंगे. अगर आप मुझे वोट नहीं दे सकते तो मेरे हारने के बाद अर्थी पर एक-एक लकड़ी जरूर डाल देना.
आपको बता दें कि उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों पर 14 फरवरी को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी. 70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च 2022 को खत्म हो रहा है. यहां कांग्रेस, बीजेपी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी, बसपा और छोटे-छोटे कई दल अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं. हालांकि, बीजेपी के लिए उत्तराखंड चुनाव सबसे ज्यादा चुनौती पूर्ण बना हुआ है, क्योंकि यहां 2 दशक से हर 5 साल में सत्ता बदलने की परंपरा चली आ रही है, ऐसे में कांग्रेस पूरी उम्मीद कर रही है कि वह सत्ता में वापस आए।
बीजेपी उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन के मिथक को तोड़ने में जुटी है.उत्तराखंड में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में, बीजेपी ने 57 सीटें जीतीं और प्रचंड बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाई थी. जबकि विपक्षी दल कांग्रेस को 11 सीटें ही मिल सकी थीं. तब त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन 4 साल के बाद ही उन्हें हटाकर बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को सत्ता की कमान सौंपी,लेकिन कुछ ही महीनों में तीरथ सिंह रावत की जगह पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया।