उत्तराखण्डः रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर पर पहुंची! प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, नदी किनारों से दूर रहने की अपील

 Uttarakhand: Alaknanda River reaches warning level in Rudraprayag! Administration issues alert, urges people to stay away from riverbanks.

रुद्रप्रयाग। जिले में सोमवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही वर्षा के बीच अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, सुबह सात बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.00 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित चेतावनी स्तर 626.00 मीटर के बराबर है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी के तटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के समीप न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतें। अलकनंदा के चेतावनी स्तर पर पहुंचने के बाद नगर पालिका परिषद और विभिन्न नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को नदी किनारों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान रुद्रप्रयाग तहसील में 4.00 मिलीमीटर, ऊखीमठ में 12.50 मिलीमीटर और जखोली तहसील में 25.00 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जिले में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, अन्य नदियों के जलस्तर की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। सुबह सात बजे की रीडिंग के अनुसार मंदाकिनी नदी का जलस्तर 624.70 मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा गंगानगर में जलस्तर 800.20 मीटर और गौरीकुंड में 1973.80 मीटर दर्ज हुआ, जो निर्धारित चेतावनी स्तर से नीचे हैं। सड़कों की स्थिति पर नजर डालें तो जिले में फिलहाल कोई भी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद नहीं है। हालांकि, एक राज्य मार्ग, लोक निर्माण विभाग की चार सड़कें, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की छह सड़कें और एक एनपीसीसी मार्ग अवरुद्ध है। मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।