Oct 08, 2026 Login
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उत्तराखंड: मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अपडेट न होने पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी हुईं नाराज! दिए ये निर्देश

Uttarakhand: Additional Chief Secretary Radha Raturi got angry over not getting updates on Chief Minister's announcements! Gave these instructions

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री की घोषणाओं को समय से पूरा करने को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी दिशा में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री की विभिन्न विभागों से जुड़ी घोषणाओं को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सचिव स्तर पर पेयजल, आपदा प्रबंधन, सिंचाई, विद्यालय शिक्षा और शहरी विकास विभाग में हर महीने समीक्षा कर इसका कार्यवृत भेजे जाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अपडेट स्थिति को घोषणा पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड न किए जाने पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि पेयजल, आपदा प्रबंधन, सिंचाई, विद्यालय शिक्षा और शहरी विकास विभाग में सचिव स्तर पर हर महीने समीक्षा बैठक की जाए। इतना ही नहीं बैठक में तैयार किए गए कार्यवृत्त की जानकारी अपर मुख्य सचिव को भी दी जाए। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि किसी भी घोषणा को अपने स्तर पर लंबित न रखा जाए। उसके तत्काल पूरा किए जाने के प्रयास किए जाएं। उधर दूसरी तरफ घोषणाओं की क्रियान्वयन के लिए वित्तीय संसाधनों और उसके फिजिबिलिटी आकलन का भी विभाग के स्तर पर समीक्षा कर ली जाए। एसीएस राधा रतूड़ी ने पेयजल विभाग को वर्तमान में हैंडपंप लगाने की योजना के औचित्य के आधार पर दोबारा से समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल की जो योजनाएं लंबित है, उन पर भी दो हफ्तों के भीतर कार्य वृत्त तैयार कर उन्हें अपडेट करने को कहा. इस दौरान शहरी विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर इसके काम को मिशन मोड पर पूरा करने के लिए कहा। बता दें कि अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी समय-समय पर इन विभागों में मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लेकर समीक्षा बैठक करती रहती हैं। इसके अलावा केंद्रीय योजनाओं को समय से पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश जारी होते रहे हैं। खास बात ये भी है कि उत्तराखंड में केंद्रीय योजनाओं की समय पर समीक्षा कर विभिन्न अड़चनों को दूर करने के भी निर्देश दिए गए हैं।