उत्तराखंड:पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका की शिकायत पर पांच करोड़ की कथित रंगदारी और धमकी के आरोप में अभिनेत्री उर्मिला सनावर गिरफ्तार
हरिद्वार।
पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर हरिद्वार पुलिस ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया है। उन पर सोशल मीडिया पर अश्लील एवं मानहानिकारक टिप्पणियां करने, पांच करोड़ रुपये की मांग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। पुलिस ने रविवार, 25 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास पर कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रही थीं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने और इसके साथ पांच करोड़ रुपये देने की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने मांग पूरी नहीं होने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रानीपुर कोतवाली की टीम गठित की गई। प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सहारनपुर के सदर बाजार क्षेत्र स्थित गोविंदनगर में दबिश देकर उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कथित घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही थी। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
गौरतलब है कि उर्मिला सनावर पिछले कुछ समय से अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी ऑडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। इस मामले को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद भी हुआ है, और अब उर्मिला सनावर की यूं हुई गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के सवालों के घेरे में आने लगी है। उनकी गिरफ्तारी की खबर वायरल होते ही सोशल मीडिया में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है, जिसमें लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या BNSS की धारा 35 के तहत गिरफ्तारी के लिए निर्धारित शर्तों का पालन किया गया? मानहानि और सामान्य आपराधिक धमकी जैसे असंज्ञेय अपराधों में मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना सीधे गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि पुलिस ने किन धाराओं में कार्रवाई की और गिरफ्तारी के कानूनी आधार क्या थे?