मोदी का बाप भी जाएगा... मल्लिकार्जुन खरगे का विवादित बयान! लिंक में जानें क्यों हुई शख्स की पिटाई और क्या है पूरा मामला?
नई दिल्ली। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री ‘बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय भारी सियासी बवाल खड़ा हो गया, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बेहद अमर्यादित और विवादित बयान दे दिया। कार्यक्रम में भाषण के दौरान जब दर्शक दीर्घा से एक युवक ने कहा कि मोदी नहीं जाएगा, तो खरगे आपा खो बैठे और उन्होंने मंच से कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। इस बयान के बाद सभागार में भारी हंगामा हो गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए उसे हॉल से बाहर निकाल दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पूर्व खरगे ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को नमन करते हुए कहा कि श्री बाबू ने जमींदारी प्रथा खत्म कर सामाजिक न्याय की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और 1937 तथा 1947 में श्री बाबू के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकारें बनी थीं। खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस बिहार के दिग्गज महापुरुषों की विरासत को मिटाने में लगे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा से आने के बावजूद नीतीश कुमार आज आरएसएस की गोद में जाकर बैठ गए हैं।
खरगे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब तक देश में संघ की विचारधारा रहेगी, शांति स्थापित नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन में इनका कोई योगदान नहीं था और वे अंग्रेजों के एजेंट की तरह काम करते थे। उत्तराखंड में कथित मंच शुद्धिकरण की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में आज भी छुआछूत की मानसिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। भाषण के दौरान खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के जरिए विपक्ष के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। खरगे ने इसे वोट चोरी करार देते हुए कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट होकर इस प्रक्रिया का विरोध करना चाहिए। उन्होंने मांग उठाई कि देश में सभी आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं और पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों की समीक्षा की जाए। अपने संघर्षों का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं 13 में से 12 चुनाव जीता हूं। ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर आज कांग्रेस अध्यक्ष पद तक पहुंचा हूं। 6 साल की उम्र में आगजनी में मैंने अपना परिवार खोया था। अब मैं 85 साल का हो चुका हूं, मुझे किसी का डर नहीं है। अगर हम डर गए, तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हालांकि, खरगे के इस आक्रामक संबोधन पर प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी पूरी तरह भारी पड़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के विवादित बयान से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और भाजपा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है।