उधम सिंह नगरः पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़! वांटेड अपराधी जितेंद्र चौधरी पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार, दो साथी भी दबोचे
रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जिले में सोमवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में लंबे समय से फरार चल रहे वांटेड अपराधी जितेंद्र चौधरी को पुलिस ने जवाबी कार्रवाई के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो साथियों को भी मौके से दबोच लिया गया। पुलिस का दावा है कि तीनों किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। घटना के बाद मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हथियार, कारतूस और अन्य साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिले में वांटेड चल रहा जितेंद्र चौधरी अपने दो साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस टीम ने रुद्रपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। बताया गया कि जब पुलिस ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो तीनों मौके से भागकर एक खेत में स्थित आम के बगीचे में पहुंच गए। पुलिस के अनुसार वहां से आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जितेंद्र चौधरी के दोनों साथियों सुमित राठौर, निवासी ट्रांजिट कैंप तथा चंदन, निवासी डिबडिबा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और संभावित आपराधिक योजनाओं की जानकारी जुटा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जितेंद्र चौधरी जिले की कई चर्चित फायरिंग की घटनाओं में वांटेड चल रहा था। वह 21 जून को गाबा चौक पर हुई फायरिंग का नामजद आरोपी था। इसके अलावा 30 जून की रात ट्राला पर हुई फायरिंग की घटना में भी उसकी तलाश की जा रही थी। इस घटना में पीलीभीत निवासी शाइस्ता नामक महिला गोली लगने से घायल हो गई थी। इन दोनों मामलों के बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जितेंद्र चौधरी के खिलाफ कुल 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सात मुकदमे उत्तर प्रदेश तथा तीन मुकदमे उत्तराखंड में दर्ज बताए गए हैं। लंबे समय से फरार होने के कारण वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और कई मामलों में वांटेड घोषित किया गया था। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से बरामद हथियार, खोखे और अन्य भौतिक साक्ष्यों को कब्जे में लेकर वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे और उनके नेटवर्क में और कौन.कौन लोग शामिल हैं। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि पुलिस जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि वांटेड अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास बनाए रखना है।