वियतनाम बोट हादसे का गमगीन अंत: 15 भारतीय पर्यटकों के शव विशेष विमान से मुंबई पहुंचे, आज पैतृक गांवों में होगा अंतिम संस्कार
मुंबई। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप(आइलैंड) के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर बीती रात एक विशेष विमान से भारत वापस ले आए गए हैं। वियतनाम एयरलाइंस की विशेष उड़ान सोमवार रात करीब 9:19 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी, जहाँ का माहौल बेहद गमगीन था। एयरपोर्ट पर आवश्यक सीमा शुल्क (कस्टम) और आव्रजन (इमिग्रेशन) की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आज सुबह से ही शवों को उनके गृह राज्यों में भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है।
हादसे का शिकार हुए सभी 15 पर्यटक देश के दक्षिणी राज्यों के रहने वाले थे, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। मृतकों में 10 तमिलनाडु से, 3 आंध्र प्रदेश से और 2 केरल से हैं। आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम पहले ही मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंच चुकी थी। टीम तीनों शवों को लेकर सुबह 5:45 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से हैदराबाद के लिए रवाना हुई, जहां से विशेष एंबुलेंस के जरिए मृतकों को आंध्र प्रदेश में उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाया जाएगा। केरल के कोट्टाराक्कारा के रहने वाले अभागे दंपत्ति ए.सी. थॉमस (57) और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस (56) के शवों को सुबह करीब 6:30 बजे एयर इंडिया की उड़ान से तिरुवनंतपुरम भेजा गया। वहाँ से एम्बुलेंस द्वारा उन्हें उनके घर ले जाया गया है। चेन्नई के लिए दो शवों को सुबह की फ्लाइट से रवाना किया गया, जबकि शेष दो शवों को भी जल्द भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कोयंबटूर के रहने वाले 6 मृतकों के शवों को तीन अलग-अलग उड़ानों के माध्यम से कोयंबटूर भेजा गया है, जहाँ स्थानीय प्रशासन की मदद से इन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। यह दुखद घटना बीते शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास घटित हुई। यहाँ 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक तेज़ रफ़्तार 'स्पीडबोट' अचानक समुद्र में पलट गई। इस हादसे के बाद वियतनामी राहत दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया था, जो प्राथमिक उपचार के बाद भारत लौट चुके हैं। हालांकि, एक भारतीय पर्यटक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका वियतनाम के अस्पताल में इलाज चल रहा है। वियतनाम में भारतीय दूतावास और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने शवों की त्वरित पहचान और उन्हें स्वदेश वापस लाने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया। इस बीच, पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लावा इंटरनेशनल ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹25 लाख की अनुग्रह राशि (आर्थिक सहायता) देने की घोषणा की है। वियतनाम प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, बोट ऑपरेटर को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कोण से मामले की उच्च स्तरीय कानूनी जांच की जा रही है। आज दोपहर तक सभी शवों के परिजनों तक पहुँचने की उम्मीद है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनके पैतृक स्थानों पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।