असम में 'हिमंता युग' का दूसरा अध्याय: लगातार दूसरी बार संभाली कमान,पीएम मोदी और दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ राज्याभिषेक
गुवाहाटी। असम की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया। भाजपा के कद्दावर नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके साथ ही 57 वर्षीय सरमा असम के इतिहास में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय राजनीति के दिग्गजों का तांता लगा रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष उपस्थिति ने इस कार्यक्रम की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी मंच पर मौजूद रहे। भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-मुख्यमंत्रियों और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी ने इसे पूर्वोत्तर में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के 'शक्ति प्रदर्शन' के रूप में स्थापित कर दिया।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री का परिवार भी इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। उनकी माता मृणालिनी देवी, पत्नी रिंकी भुइयां सरमा, पुत्र नंदिल और पुत्री सुकन्या सरमा दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया, जिन्होंने गर्मजोशी से उन्हें बधाई दी। हिमंता बिस्वा सरमा के साथ उनके मंत्रिमंडल के चार प्रमुख सहयोगियों ने भी शपथ ली, जो गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरमा की यह जीत उनके पिछले पांच वर्षों के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे में सुधार और उग्रवाद के खात्मे की दिशा में उठाए गए कदमों का परिणाम है। पूरे खानापारा क्षेत्र को इस अवसर पर दुल्हन की तरह सजाया गया था और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। भाजपा के लिए यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि इसने पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की जड़ें और गहरी कर दी हैं। अब राज्य की जनता को 'असम 2.0' से और भी तेज विकास की उम्मीदें हैं।