बंगाल में 'आयुष्मान' युग का आगाज: अब हर गरीब को मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, पीएम मोदी ने जताई खुशी,कहा- हर घर तक पहुंचेगी केंद्र की योजना

The Dawn of the 'Ayushman' Era in Bengal: Now Every Poor Person Will Receive Free Treatment Up to ₹5 Lakhs; PM Modi Expresses Delight, States—The Centre's Scheme Will Reach Every Household.

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन के साथ ही जन-कल्याण के एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। राज्य की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में केंद्र की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत योजना' को लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले का हृदय से स्वागत करते हुए इसे बंगाल के विकास और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 'डबल इंजन' सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "पश्चिम बंगाल के मेरे भाई-बहनों का कल्याण सर्वोपरि है। मुझे बेहद प्रसन्नता है कि अब राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा, जो विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। यह न केवल उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगी, बल्कि गरीबों के लिए किफायती इलाज का सपना भी सच करेगी।" प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि डबल इंजन वाली सरकार अब बिना किसी बाधा के केंद्रीय योजनाओं को सीधे जनता के घर तक पहुंचाएगी। पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक के बाद छह प्रमुख फैसलों की घोषणा की। इनमें आयुष्मान भारत योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करना सबसे प्रमुख रहा। अधिकारी ने कहा कि राज्य में 'असल परिवर्तन' लाने की दिशा में यह पहला कदम है। 2018 में शुरू हुई इस योजना से बंगाल अब तक वंचित था, लेकिन अब राज्य का हर पात्र परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर का हकदार होगा। योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। आयुष्मान गोल्डन कार्ड: लाभार्थियों को एक विशेष 'गोल्डन कार्ड' जारी किया जाएगा। इस कार्ड को अस्पताल में दिखाकर मरीज गंभीर बीमारियों का मुफ्त ऑपरेशन और उपचार करा सकेंगे। प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य योजना है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 13 साल के शासन को उखाड़ फेंका है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन न होना चुनाव में एक बड़ा मुद्दा था। अब इस योजना के लागू होने से ग्रामीण बंगाल और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के बीच नई सरकार की साख और मजबूत होगी। शपथ ग्रहण के साथ ही सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका प्राथमिकता एजेंडा 'सबका साथ, सबका विकास' है, जिसमें स्वास्थ्य सेवा को शीर्ष पर रखा गया है।