बंगाल में 'खेला' के संकेत!रुझानों में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे,तृणमूल खेमे में सन्नाटा

Signs of the 'Game' in Bengal! BJP surges past the majority mark in early trends; silence prevails in the Trinamool camp.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खेमे में खामोशी छा गई है। राज्य में हुए अब तक के सबसे आक्रामक चुनाव के बाद यह रुझान राजनीतिक समीकरणों को बदलते हुए दिख रहे हैं।

राज्य के 23 जिलों में 77 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच 293 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है। इस चुनाव में कुल 2,926 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला आज हो रहा है। शुरुआती रुझानों में भाजपा कई अहम सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। बिष्णुपुर सीट पर भाजपा की शुक्ला चटर्जी 5561 वोटों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं और टीएमसी के तन्मय घोष उनसे पीछे चल रहे हैं। वहीं पुरुलिया सीट पर भाजपा के सुदीप कुमार मुखर्जी 5514 वोटों के साथ आगे हैं, जबकि टीएमसी के सुजय बनर्जी दूसरे स्थान पर हैं। बांकुड़ा सीट पर भी भाजपा ने मजबूत पकड़ बनाई है, जहां नीलाद्री शेखर 5993 वोटों के साथ बढ़त पर हैं और टीएमसी के अनुप मंडल काफी पीछे हैं। ओंडा सीट पर भाजपा के अमरनाथ शखा 6637 वोटों के साथ बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि कालना सीट पर सिद्धार्थ मजूमदार भी भाजपा को बढ़त दिला रहे हैं। दुर्गापुर पूर्व सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा नजर आ रहा है, जहां भाजपा के चंद्र शेखर बनर्जी मामूली अंतर से आगे चल रहे हैं। इन रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां भाजपा पहली बार राज्य में सरकार बनाने की ओर बढ़ती दिख रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। हालांकि अंतिम परिणाम आने में अभी समय है, लेकिन शुरुआती संकेत साफ तौर पर सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं। अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि क्या बंगाल में ‘दीदी’ का किला कायम रहेगा या फिर भाजपा इतिहास रचते हुए पहली बार सत्ता पर काबिज होगी।