मोदी सरकार के 12 साल पूरे: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लिए ताबड़तोड़ फैसले! अमरावती को 2,534 करोड़ का तोहफा और अहमदाबाद मेट्रो विस्तार के लिए 2,169 करोड़ रुपये मंजूर

Modi government completes 12 years: Union Cabinet takes a flurry of decisions! A ₹2,534 crore gift for Amaravati and approval of ₹2,169 crore for the Ahmedabad Metro expansion.

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक विकास से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार ने कुल 4,703 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है, जिनमें अहमदाबाद मेट्रो विस्तार परियोजना के साथ-साथ आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में केंद्र सरकार के कार्यालय और आवासीय परिसरों का निर्माण शामिल है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना, सरकारी प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाना और कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अहमदाबाद मेट्रो को मिली नई रफ्तार
कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2ए को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 2,169 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नई मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाएगा। करीब 6 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में चार एलिवेटेड स्टेशन और एक भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा। परियोजना को अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का मानना है कि वर्ष 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर यह विस्तार अहमदाबाद की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती देगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 78 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

अमरावती में बनेगा आधुनिक केंद्रीय कार्यालय परिसर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 1,299 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब 5.53 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह कार्यालय परिसर विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों और कार्यालयों को एक ही स्थान पर संचालित करने में मदद करेगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में समन्वय बढ़ेगा और नागरिकों को भी सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना अमरावती को एक पूर्ण विकसित प्रशासनिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बनेंगे 1504 आवास
अमरावती के लिए मंजूर दूसरी बड़ी परियोजना केंद्रीय कर्मचारियों के आवासीय परिसर से जुड़ी है। इस योजना के तहत 1,235 करोड़ रुपये की लागत से 1,504 आवासीय क्वार्टर बनाए जाएंगे। करीब 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस विशाल रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का कुल निर्मित क्षेत्रफल 31.3 लाख वर्ग फुट होगा। इसमें आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास, सामुदायिक सुविधाएं और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने वाली व्यवस्थाएं शामिल की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य अमरावती में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करना है।

विकास और बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस
केंद्र सरकार के इन फैसलों को बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां अहमदाबाद में मेट्रो विस्तार से शहरी परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अमरावती में कार्यालय और आवासीय परिसरों के निर्माण से नई राजधानी के विकास को बल मिलेगा।