कोटद्वार विवादः मोहम्मद दीपक को बड़ा झटका! हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इंकार, याचिका खारिज

Kotdwar dispute: Major setback for Mohammad Deepak! High Court refuses relief, dismisses petition

नैनीताल। उत्तराखंड के कोटद्वार में हुए एक मामूली विवाद से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए याचिकाकर्ता को कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने लंबी सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करें और यह भी हिदायत दी गई कि वह अनावश्यक रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय न रहें, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता दीपक कुमार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे पर पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना था कि घटना में शामिल व्यक्तियों के नाम बताए जाने के बावजूद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ही मामला दर्ज किया। साथ ही भीड़ को शांत कराने पहुंचे दीपक कुमार के खिलाफ ही उल्टा मुकदमा दर्ज कर लिया गया। वहीं राज्य सरकार की ओर से पेश पक्ष ने अदालत को बताया कि घटना के दौरान दीपक कुमार मौके पर मौजूद थे और भीड़ के साथ धक्का-मुक्की करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें और 22 अन्य लोगों को चिन्हित कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, जिसकी जांच जारी है। मामले में अब तक कुल पांच मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
प्रकरण के अनुसार वायरल वीडियो में दीपक कुमार दुकान के नाम को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते नजर आए। उन्होंने बताया कि दुकान 30 वर्षों से अधिक पुरानी है और पूछे जाने पर उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें कुछ लोगों का समर्थन भी मिला और उनके अनुसार उन्हें छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हुए। घटना के बाद 28 जनवरी को दीपक कुमार और उनके सहयोगी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। इसके खिलाफ दीपक कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमा निरस्त करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है और मामले में जांच जारी रहने दी है।