नैनीताल HC:मदरसे से लौटती नाबालिग का पीछा,फिर गोली से हमला,कोर्ट ने माना मामला गंभीर,जमानत अर्जी खारिज़ ,
नैनीताल। नाबालिग लड़की पर फायरिंग और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार युवक को उत्तराखंड हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
प्रकरण के मुताबिक, जिला ऊधम सिंह नगर के पुलभट्टा थाने में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी रेहान उर्फ जेरिफ नाबालिग पीड़िता का मदरसे से घर आते-जाते समय लगातार पीछा करता था और फोन पर बात करने का दबाव बनाता था। शिकायत में यह भी आरोप है कि जब इस हरकत की जानकारी आरोपी के परिवार तक पहुंचाई गई, तो उसने कथित तौर पर प्रतिशोध में पीड़िता के घर में घुसकर उस पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गई।
जमानत की मांग करते हुए बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को गलत तरीके से फंसाया गया है, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह अक्टूबर 2024 से जेल में बंद है। साथ ही यह भी कहा गया कि पीड़िता को लगी चोटें गंभीर नहीं हैं और जान के लिए खतरा नहीं थीं।
वहीं, राज्य पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी ने घातक हथियार का इस्तेमाल किया है और घटना बेहद गंभीर प्रकृति की है। अदालत ने केस डायरी, पीड़िता व शिकायतकर्ता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण किया, जिसमें गोली लगने की पुष्टि हुई।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं, घटना का तरीका चिंताजनक है और पीड़िता नाबालिग है। ऐसे में आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता और याचिका खारिज कर दी गई।