उत्तराखण्डः बाल विवाह पर बड़ी कार्रवाई! 17 साल की उम्र में करवा रहे थे बिटिया की शादी! पुलिस के साथ पहुंची आईएसडी की टीम, बैरंग लौटी बारात

Uttarakhand: Major action taken against child marriage! A 17-year-old girl was being married off! The ISD team arrived with the police, but the wedding procession returned empty-handed.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में बाल विवाह को लेकर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) की टीम ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए एक नाबालिग बालिका का विवाह रुकवा दिया। इस कार्रवाई में पुलिस की सहायता भी ली गई, जिसके चलते न केवल शादी को रोका गया, बल्कि दोनों पक्षों को कानून की जानकारी देकर बारात को भी वापस भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार  आईएसडी को करीब एक सप्ताह पहले सूचना प्राप्त हुई थी कि एक व्यक्ति अपनी दो पुत्रियों का विवाह 28 अप्रैल को करने जा रहा है, जिनमें से एक बालिग और दूसरी नाबालिग बताई जा रही थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संस्था ने तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी। टीम ने सबसे पहले बालिका की आयु की पुष्टि के लिए परिवार से दस्तावेज मांगे, लेकिन परिजनों द्वारा लगातार टालमटोल की गई। इसके बाद टीम ने स्थानीय विद्यालय से संपर्क किया, जहां से भी आयु प्रमाण पत्र बिना उचित अनुमति के उपलब्ध नहीं हो सका। हालांकि गांव के लोगों से बातचीत में यह स्पष्ट हो गया कि एक लड़की नाबालिग है।

जांच के दौरान संस्था को शादी का कार्ड भी प्राप्त हुआ, जिससे यह पुष्टि हुई कि दोनों बेटियों का विवाह एक ही दिन तय किया गया है। इसके बाद डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची और परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। बालिका की मां से यह लिखित आश्वासन भी लिया गया कि बेटी की शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही की जाएगी। इसके बावजूद 28 अप्रैल को जब विवाह का दिन आया तो स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि गांव में दो बारातें पहुंच रही हैं। इस पर परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी के नेतृत्व में टीम ने 112 पुलिस की सहायता के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की। जांच के दौरान बालिका का आधार कार्ड देखा गया, जिसमें उसकी उम्र 17 वर्ष 1 माह पाई गई। यह स्पष्ट होते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाबालिग का विवाह रुकवा दिया। वहीं दूल्हे के आधार कार्ड की जांच में उसकी उम्र 30 वर्ष सामने आई। दोनों पक्षों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई और उन्हें इसके गंभीर परिणामों से अवगत कराया गया। इसके बाद विवाह को पूरी तरह रद्द कर दिया गया और बारात को वापस भेज दिया गया।