नैनीताल HC:मिस्ट्री, मर्डर और लापता परिवार!वैष्णो देवी जाने निकला परिवार,फिर कभी नहीं लौटा,पूरा परिवार गायब, पत्नी की मिली लाश,आरोपी की जमानत याचिका खारिज

Nainital HC: Mystery, Murder, and a Missing Family! A family set out for Vaishno Devi but never returned; the entire family vanished, and the wife's body was recovered. Accused's bail plea rejected.

नैनीताल। चार सदस्यीय परिवार के रहस्यमय ढंग से लापता होने और एक महिला की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में आरोपी को उत्तराखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और ट्रायल की प्रगति को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
अभियोजन के अनुसार, देहरादून के पटेल नगर थाने में वर्ष 2016 में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी राजीव सिंह ने अपनी पत्नी गीता सिंह, पुत्री इशिका, पुत्र अरु और सास मिथलेश कुमारी के लापता होने की सूचना दी थी। उसने बताया था कि जनवरी 2015 में परिवार के ये सदस्य माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में सास के हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में होने की सूचना मिलने के बाद उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
जांच के दौरान पुलिस को गीता सिंह का शव बरामद हुआ, जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक बताया गया, जो हत्या की पुष्टि करता है। वहीं, अन्य तीन परिजनों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद लंबे समय तक फरार रहा और उसे जनवरी 2017 में चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होने पर उसके खिलाफ हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क रखा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह वर्ष 2017 से जेल में निरुद्ध है। साथ ही यह भी कहा गया कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है।
वहीं, राज्य की ओर से जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा गया कि यह जघन्य अपराध है और अब तक दर्ज गवाहों के बयान आरोपी की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों, आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने और ट्रायल की प्रगति को ध्यान में रखते हुए कहा कि इस चरण पर जमानत देना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
इन परिस्थितियों में अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, जिसमें चार लोगों के लापता होने और एक की हत्या की पुष्टि हो चुकी है।