आरा मशीनों के री-लोकेट मामले में हाईकोर्ट सख्त: प्रतिबंधित वन क्षेत्र के आसपास चल रही मशीनों की सूची 2 हफ्ते में पेश करने के आदेश! न्यायमित्र की नियुक्ति में हुई त्रुटि भी सुधारी
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में आरा मशीनों को री लोकेट के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से 2 सप्ताह में ऐसी सभी आरा मशीनों की सूची पेश करने को कहा है जो प्रतिबंधित वन क्षेत्र से दस किमी की दूरी के अंदर मौजूद हैं। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 2 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता जितेंद्र चौधरी को न्यायमित्र नियुक्त कर नियम विरुद्ध वन क्षेत्र के 10 किलोमीटर में स्थापित की सभी आरा मशीनों की सूची तैयार करने को कहा था। लेकिन त्रुटिवश न्यायमित्र जितेंद्र चौधरी की जगह अन्य अधिवक्ता का नाम अंकित हो गया। आज हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने त्रुटि को सुधार करते हुए जितेंद्र चौधरी को न्यायमित्र नियुक्त करने के साथ ही कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि रामनगर निवासी रजनी शर्मा ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि रिहायशी क्षेत्र होने के चलते उन्हें आरा मशीन के संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए उन्हें आरा मशीन को री लोकेट करने की अनुमति दी जाए।