देहरादून एनकाउंटरः 10 राउंड फायरिंग में ढेर हुआ हिस्ट्रीशीटर अकरम! हत्या, लूट, डकैती समेत दर्ज थे 14 मुकदमे, आईजी और एसएसपी ने बताया बुधवार रात का पूरा घटनाक्रम

Dehradun encounter: History-sheeter Akram killed in 10 rounds of firing! Fourteen cases were registered against him, including murder, robbery, and dacoity. The IG and SSP recounted the entire incide

देहरादून। राजधानी देहरादून में बुधवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात अपराधी मारा गया, जबकि थाना प्रेमनगर प्रभारी गोली लगने से घायल हो गए। घायल अधिकारी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उनका उपचार अस्पताल में जारी है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारा गया बदमाश अकरम, यूपी के शामली का निवासी था और कई संगीन अपराधों में वांछित था। उस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती समेत करीब 14 मुकदमे दर्ज थे। वह साल 2014 में देहरादून के बालावाला क्षेत्र में हुए चर्चित अंकित हत्याकांड का मुख्य आरोपी भी था, जिसमें डकैती के दौरान एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि 29 अप्रैल की रात करीब साढ़े दस बजे पौंधा क्षेत्र में ठेकेदार देवराज अपने काम से लौट रहे थे। इसी दौरान तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर उनसे करीब दो लाख रुपये से भरा बैग लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने देवराज को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने साहस दिखाते हुए 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजते हुए क्षेत्र में बदमाशों की घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस और बदमाश आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से करीब 10 राउंड फायरिंग हुई। मुठभेड़ के दौरान थाना प्रभारी नरेश राठौड़ को गोली लगी, जबकि एक बदमाश मौके पर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए और मौके से बरामद मोबाइल फोन की जांच के आधार पर मृतक की पहचान अकरम के रूप में हुई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हाल ही में कोर्ट में पेशी के लिए देहरादून आया था और उसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। 

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक देशी पिस्टल, एक तमंचा और लूट का पूरा माल बरामद कर लिया गया है। घायल थाना प्रभारी, बदमाश और पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बदमाश की मौत हो गई। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस घटना के बाद देहरादून में करीब 17 साल बाद हुई पुलिस मुठभेड़ की भी चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले वर्ष 2009 में रणवीर एनकाउंटर मामला सामने आया था, जिसने पूरे प्रदेश में व्यापक बहस छेड़ दी थी। घायल ठेकेदार देवराज ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होने से उनकी जान बच पाई।