उत्तराखण्ड में धर्मांतरण के आरोप से हड़कंप! घर-घर प्रचार और प्रलोभन देने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

Allegations of religious conversion stir in Uttarakhand! Police investigate complaints of door-to-door campaigning and inducements.

देहरादून। राजधानी देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र में धर्म प्रचार और कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप का मामला सामने आने के बाद इलाके में हलचल मच गई है। स्थानीय लोगों और एक संगठन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह मामला कांवली माड़ी क्षेत्र का है, जहां दो महिलाओं पर घर-घर जाकर ईसाई धर्म का प्रचार करने और हिंदू महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए कथित रूप से प्रलोभन देने का आरोप लगाया गया है। तहरीर में आरोपित महिलाओं की पहचान भी बताई गयी है। स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने इस गतिविधि की सूचना एक संगठन के कार्यकर्ता इंद्रजीत को दी। सूचना मिलते ही संगठन से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उस समय दोनों महिलाएं क्षेत्र की महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लाभ बता रही थीं। इसके बाद मामले की सूचना डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों महिलाएं वहां से जा चुकी थीं। बाद में पुलिस ने विकास मॉल क्षेत्र से दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर बसंत विहार थाने पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में प्रार्थी कुलदीप स्वेडिया, जो वीर सावरकर संगठन के संस्थापक अध्यक्ष बताए जा रहे हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में मांग की है कि दोनों महिलाओं के खिलाफ उत्तराखंड धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। वहीं थाना प्रभारी शेंकी कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग इस मामले पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।