सनसनीखेजः उत्तराखण्ड में 6 दिन से लापता शख्स का शव नदी में तैरता मिला! हाथ-पैर बंधे और शरीर पर चोट के निशान, हत्या की आशंका

Sensational: The body of a man missing for six days was found floating in a river in Uttarakhand! His hands and legs were tied and his body bore injuries, suggesting murder.

चमोली। गैरसैंण विकासखंड क्षेत्र के देवपुरी गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब पिछले छह दिनों से लापता चल रहे एक व्यक्ति का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता हुआ मिला। शव की हालत बेहद संदिग्ध बताई जा रही है। मृतक के एक हाथ और दोनों पैर आपस में बंधे हुए थे, जबकि सिर और आंखें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मिली हैं। शव की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान देवपुरी गांव के चिनुड़ीछानी तोक निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र पुष्कर सिंह के रूप में हुई है। राजेंद्र सिंह बीते 18 मई की सुबह घर से काम पर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से ग्रामीणों के सहयोग से दो दिनों तक पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया था। जंगल, नदी किनारे और आसपास के दुर्गम इलाकों में कई बार खोजबीन की गई, लेकिन उस दौरान राजेंद्र सिंह का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच शनिवार को ग्रामीणों ने घर से करीब तीन सौ मीटर दूर खनसर नदी में शव तैरता हुआ देखा, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास से मृतक का मोबाइल फोन, चप्पल और एक पानी की बोतल भी बरामद की। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस स्थान पर पिछले छह दिनों में कई बार सर्च अभियान चलाया गया, वहीं अब अचानक शव कैसे मिला?

इस रहस्य ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शव पहले से वहां होता तो सर्च टीम की नजर से बच नहीं सकता था। यही वजह है कि ग्रामीण हत्या कर शव को बाद में वहां फेंके जाने की आशंका जता रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गैरसैंण कोतवाल मनोज सिरौला ने पंचनामा भरने से पहले जिले से फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट बुलाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर श्रीनगर से फॉरेंसिक टीम और जिला मुख्यालय गोपेश्वर से फील्ड यूनिट को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। जांच के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग अस्पताल भेज दिया गया है। कोतवाल मनोज सिरौला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इधर ग्रामीणों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जल्द से जल्द पूरे मामले का खुलासा करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह शव की स्थिति मिली है, उससे यह सामान्य मौत नहीं लगती। उन्होंने आशंका जताई कि किसी सुनियोजित साजिश के तहत हत्या कर शव को नदी में फेंका गया हो सकता है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।