उत्तराखंड में मौसम को लेकर बड़ा अलर्टः कई जिलों में भारी बारिश और तूफान की संभावना! रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से भारी नुकसान

Major weather alert for Uttarakhand: Heavy rain and storms likely in several districts! Heavy damage in Rudraprayag due to torrential rainfall.

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बदलते मौसम के बीच मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आज सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का भी पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा प्रभावित जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं राज्य के अन्य जनपदों में भी गरज और चमक के साथ तेज बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इधर मौसम की चेतावनी के बीच रुद्रप्रयाग जनपद में अतिवृष्टि का असर भी देखने को मिला है। बुधवार शाम जखोली क्षेत्र के खलियाण बांगर और पुजार गांव में हुई भारी बारिश ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी। तेज बारिश के बाद गदेरों में आए उफान से कई स्थानों पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर जमा हो गए, जिससे लोगों की संपत्ति और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। चौकी जखोली पुलिस के अनुसार पुजार गांव के दोनों ओर स्थित बलिहारी और रौण्ड गदेरों में आए तेज बहाव के कारण भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर रामचंद्र भट्ट एवं प्रकाश भट्ट के आवासीय परिसरों में घुस गए, जिससे उनके घरों के आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ। वहीं बुरांश गदेरे में जलस्तर बढ़ने से खिलानंद भट्ट, राकेश भट्ट और सतीश भट्ट की कृषि भूमि का हिस्सा कटकर बह गया। इसके अलावा भानु प्रसाद भट्ट की गौशाला के पीछे भी बड़े-बड़े पत्थर और मलबा जमा हो गया, जिससे पशुपालन गतिविधियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

खलियाण गांव में रामचंद्र भट्ट की पुस्तक भंडार एवं प्रोविजन स्टोर के पीछे भारी मात्रा में मलबा जमा होने से व्यवसायिक प्रतिष्ठान को भी नुकसान पहुंचा है। अतिवृष्टि का असर बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। बुरांश गदेरे पर बनी दो पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे स्थानीय आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं जखोली-बधानीताल मोटर मार्ग और पुजारगांव-कुरछौला संपर्क मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन द्वारा मार्गों को खोलने के लिए मशीनें और राहत दल तैनात किए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, यात्रियों और तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।