देवभूमि में महामहिम: दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,कल आईएमए परेड में लेंगी सलामी,'नो ड्रोन जोन' घोषित
देहरादून। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय विशेष दौरे पर शुक्रवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंची हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनके आगमन पर देवभूमि की परंपरा के अनुसार भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति की अगवानी की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित शासन और प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति के इस दौरे का मुख्य आकर्षण शनिवार, 13 जून को होने वाली भारतीय सैन्य अकादमी की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड है, जिसमें वे बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।
हवाई अड्डे से लेकर राष्ट्रपति के ठहरने के स्थान तक सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया गया है कि परिंदा भी पर न मार सके। राष्ट्रपति का काफिला दोपहर बाद राजपुर रोड स्थित 'राष्ट्रपति निकेतन' पहुंचा, जहां उनके प्रवास की विशेष व्यवस्था की गई है। देहरादून पुलिस, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा इकाइयों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा ग्रिड की कमान संभाली है। वीवीआईपी दौरे के मद्देनजर देहरादून और आईएमए के आसपास के पूरे हवाई क्षेत्र को 'नो ड्रोन जोन' घोषित कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के निजी या व्यावसायिक ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हाई-अलर्ट पर पुलिस: देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सभी थाना प्रभारियों को होटल, लॉज, धर्मशाला, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर रात-दिन सघन चेकिंग और बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार, 13 जून की सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 'राष्ट्रपति निकेतन' से सीधे भारतीय सैन्य अकादमी के लिए रवाना होंगी। आईएमए में पासिंग आउट परेड की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस गौरवशाली परेड में देश के विभिन्न राज्यों के जांबाज कैडेट्स के साथ-साथ भारत के मित्र देशों के विदेशी कैडेट्स भी कदमताल करते नजर आएंगे। कठिन और कड़े सैन्य प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद ये जेंटलमैन कैडेट्स जैसे ही आईएमए के ऐतिहासिक चैटवुड हॉल के सामने अपना 'अंतिम पग' भरेंगे, वैसे ही वे भारतीय सेना में विंग कमांडर और सैन्य अधिकारी के रूप में देश सेवा की नई व प्रतिष्ठित जिम्मेदारी संभाल लेंगे। आईएमए की पासिंग आउट परेड को भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सैन्य परंपराओं में से एक माना जाता है। परेड के दौरान देश के ये भावी कर्णधार अपने अदम्य साहस, कड़े अनुशासन और बेहतरीन तालमेल का हैरतअंगेज प्रदर्शन करेंगे। इस पल के साक्षी बनने और कैडेट्स के कंधों पर सितारों को चमकते देखने के लिए उनके गौरवान्वित माता-पिता, परिजन और सेना के शीर्ष कमांडर भी भारी संख्या में देहरादून पहुंच चुके हैं। देश की सर्वोच्च कमांडर यानी राष्ट्रपति की मौजूदगी इस बार की पासिंग आउट परेड को और भी अधिक विशेष और यादगार बनाने जा रही है। शुक्रवार को वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है, ताकि आम जनता को आवाजाही में कोई असुविधा न हो।