ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे से बंद हुई सड़क,हाईकोर्ट सख्त, जिलाधिकारी को सरकारी भूमि तत्काल खाली कराने के निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सरकारी संपत्तियों और ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ एक बेहद सख्त रुख अपनाया है। जनपद ऊधम सिंह नगर की किच्छा तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा 'कुरय्या' में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने और सार्वजनिक सड़क को बंद करने के मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित करते हुए जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी को पूरे मामले की खुद जांच करने और सरकारी भूमि को तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण मुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
यह पूरा मामला किच्छा तहसील के ग्राम कुरय्या का है, जहां के स्थानीय निवासी अनवार अहमद ने ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता के अनुसार, कुछ रसूखदार और दबंग लोगों ने आपसी सांठगांठ कर ग्राम सभा की बेशकीमती सरकारी जमीन पर न सिर्फ अवैध कब्जा कर लिया, बल्कि उसे खुर्द-बुर्द करने का भी प्रयास किया। भू-माफियाओं ने ग्राम सभा की उस मुख्य सड़क को ही बंद कर दिया, जो ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य जरिया थी। सड़क बंद होने के कारण निर्दोष ग्रामीणों को अपने ही घरों तक पहुंचने के लिए रोजाना कई किलोमीटर का लंबा और कष्टदायक सफर तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। मामले की बेहद संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के सरकारी वकील ने माननीय मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ को आश्वस्त किया कि प्रशासन इस मामले पर पूरी तरह गंभीर है। सरकार की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी द्वारा इस पूरे भूमि घोटाले और अवैध कब्जे की बारीकी से जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि राजस्व टीम द्वारा पैमाइश पूरी होते ही सरकारी भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माणों और कब्जों को ध्वस्त कर रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब किच्छा प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और माना जा रहा है कि कुरय्या गांव की सरकारी जमीन पर जल्द ही प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) गरजने वाला है।