केरल में भीषण सड़क हादसाः खड़ी लॉरी से टकराई कार! 8 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत, मंजर देख सहम उठी हर आंख
नई दिल्ली। केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर हुए भीषण सड़क हादसे में तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। कैपमंगलम के पास पनम्बिक्कुन्नू इलाके में हुए इस हादसे में छात्रों से भरी कार सड़क निर्माण कार्य के चलते खड़ी लॉरी से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके आगे का हिस्सा लॉरी के नीचे जा फंसा। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना शुक्रवार रात करीब 11.40 से 11.42 बजे के बीच हुई। तमिलनाडु नंबर की कार गुरुवायूर की ओर से कोडुंगल्लूर की तरफ जा रही थी। बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर निर्माण कार्य चल रहा था और इसी दौरान सड़क के एक हिस्से में उसी दिशा में मालवाहक लॉरी खड़ी थी। इसी लॉरी से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार में सवार सभी आठ युवक गंभीर रूप से फंस गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा दमकल एवं बचाव दल को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस, अग्निशमन विभाग और बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए। कार की हालत देखकर बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसमें सवार युवक अंदर फंसे हुए थे। बचाव अभियान के दौरान कार को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। बताया गया कि कार के अगले हिस्से में फंसे लोगों को निकालने के लिए दमकल कर्मियों को विशेष उपकरणों की मदद लेनी पड़ी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मॉर्चरी में भेज दिया। शवों की पहचान और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी देने की कार्रवाई भी शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले युवक तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित पीएसएनए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्र थे। घटनास्थल से कॉलेज के एक छात्र का पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। मृतकों की उम्र करीब 20 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने कुछ मृतकों की पहचान विश्वा, सूर्या, संजीत, संतोष और प्रसन्ना के रूप में की है, जबकि अन्य यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। मृतकों के परिवारों को सूचना दिए जाने के बाद तमिलनाडु में उनके घरों में मातम पसर गया। जिन परिवारों के बच्चे पढ़ाई और भविष्य के सपने लेकर निकले थे, वहां अचानक आई इस दुखद खबर से कोहराम मच गया।
छुट्टियां मनाने के लिए केरल आए थे छात्र
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र छुट्टियां मनाने के लिए केरल आए थे। हालांकि, वे जिस सफर को यादगार बनाने के लिए निकले थे, वही उनके जीवन का आखिरी सफर बन गया। हादसे की खबर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दुर्घटनास्थल के आसपास रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं थी और वाहन चालकों को निर्माण कार्य तथा खड़ी लॉरी के बारे में पर्याप्त चेतावनी देने वाले संकेतक भी स्पष्ट नहीं थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य के चलते कई जगह यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों के लिए स्पष्ट संकेतक और पर्याप्त चेतावनी व्यवस्था बेहद जरूरी है। लोगों ने यह भी दावा किया कि इलाके में रात के समय पहले भी सड़क हादसे होते रहे हैं।