Sep 05, 2026 Login

बड़ी खबरः एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया स्वतंत्र भारद्वाज! समर्थन में थाने पहुंचे हिंदू संगठन, पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप

Big News: Swatantra Bhardwaj remanded to one-day police custody! Hindu organizations arrived at the police station in his support, accusing the police of one-sided action.

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर 23 जून 2026 को CJP के प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता से मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया, जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। अदालत ने स्वतंत्र को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। इधर शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जुटे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामला 23 जून 2026 का है। उस दिन जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन चल रहा था। शिकायतकर्ता अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ प्रदर्शन में पहुंचे थे। शिकायत के मुताबिक, शाम करीब 5:30 बजे वह अपने मोबाइल फोन से प्रदर्शन का वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान उनकी एक युवक से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद 2-3 युवकों ने शिकायतकर्ता को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। शिकायत में घूंसे मारने के साथ किसी ठोस वस्तु, लोहे के कड़े जैसी चीज से सिर पर हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में उनके सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए थे। इसी घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

वायरल पॉडकास्ट क्लिप के बाद कार्रवाई तेज
पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ी एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस क्लिप में आरोपी ने छात्रा के पिता पर हमला करने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद पुलिस ने स्वतंत्र की तलाश शुरू की और उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा। इससे पहले शुक्रवार, 4 सितंबर को प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया गया। CJP के प्रदर्शन के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले में बाद में SC-ST एक्ट की धारा भी जोड़ी गई। इसके अलावा पुलिस ने उसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी एफआईआर दर्ज की है। इन धाराओं के जुड़ने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्वतंत्र के समर्थकों और हिंदू संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच सभी पक्षों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए और किसी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता।

समर्थन में थाने के बाहर जुटे कार्यकर्ता
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता और उसके समर्थक पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। समर्थकों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले में तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस से यह भी मांग की कि घटना से जुड़े सभी वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र के खिलाफ गलत आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से मामले में लगाए गए आरोपों और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।